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प्लॉट फ्रॉड केसः बीजेपी काउंसिलर कैंथ की जमानत पर फैसला 5 को

Sat, 02 Jul 2016 09:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पार्षद सतीश कैंथ को जेल ले जाती पुलिस - फोटो : amar ujala
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हल्लोमाजरा में विधवा के प्लाट पर कब्जा करने के आरोपी बीजेपी नेता व पार्षद सतीश कुमार कैंथ की जमानत पर 5 को फैसला होगा। जमानत अर्जी पर अतिरिक्त सत्र न्यायालय में बहस हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने 5 जुलाई की तारीख अर्जी पर फैसले के लिए तय की है। शनिवार को अदालत में बहस के दौरान बचाव पक्ष  ने अपनी दलील में कहा कि इस मामले में कैंथ की सीधे तौर पर कोई भूमिका सामने नहीं है।  वह एक  राजनैतिक पार्टी से जुड़े है, इसलिए उनका मीडिया ट्रायल हो रहा है।
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बचाव पक्ष ने दलील दी कि  इस केस में आरोपी को झूठा फंसाया गया है। एफआईआर से भी पता चलता है कि पुलिस संबंधित जमीन से कैं थ की भूमिका को जोड़ने में नाकामयाब रही है। जीपीए उनके पिता के नाम पर है वहीं सेल डीड उनकी पत्नी  के नाम पर है। दस्तावेजों में कहीं भी उनका नाम नहीं है। ऐसे में उनके खिलाफ कोई केस नहीं बनता। वहीं अभियोजन पक्ष ने कैंथ को पूरे मामले  का मास्टर मांइड बताया है और  कहा कि उन्होंने अपने प्रभाव का र्दुपयोग करते हुए इस अपराध को अंजाम दिया।

बहस के दौरान पुलिस ने कैंथ की नियमित जमानत  का विरोध करते हुए कहा  कि अगर उसे जमानत मिल जाती है, तो वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ सकता है और गवाहों को भी प्रभावित कर सकता है। पुलिस ने कहा  कैंथ इस मामले में अपने राजनीतिक रसूख का भी इस्तेमाल कर सकता है। पुलिस ने कहा था कि बेशक बचाव पक्ष इस मामले से कैंथ का कोई सीधा संबंध नहीं बता रहा लेकिन यह पक्का है कि इस मामले में कैंथ ही मास्टर माइंड थे।
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इससे पहले मामले में कैंथ के पिता व पत्नी को हाईकोर्ट ने राहत देते हुए उनकी अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर करते हुए राहत दी थी। उन्होंने (कैंथ) ने कुछ गलत किया है। पुलिस ने इसी वर्ष 14 मार्च को धोखाधड़ी व आपराधिक ट्रेसपासिंग की धाराओं में केस दर्ज किया था। कई दिनों से फरार रहने के बाद कैंथ ने इस महीने 7 जून को कोर्ट में सरेंडर किया था। इस समय कैंथ बुड़ैल जेल में है।
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