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रामपाल के आश्रम में ट्रस्टी कभी नहीं रहा: हुड्डा

Wed, 03 Dec 2014 09:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
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संत रामपाल के सतलोक आश्रम के ट्रस्ट में ट्रस्टी होने की बात का पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने खंडन किया हैं। उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल के दौरान संत रामपाल को 22 महीनों तक जेल में रखा। हुड्डा ने सतलोक आश्रम में पत्रकारों पर हुए हमले की निंदा की।
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हुड्डा ने इससे पहले पूर्व संसदीय सचिव दूड़ाराम के पुत्र के विवाह समारोह में भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह देश के इतिहास में पहली बार हुआ है कि किसी सरकार ने बुढ़ापा और विधवा पेंशन घटाई हो। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कही। वह मंगलवार को पूर्व मुख्य संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा के कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ कि किसी राज्य की सरकार द्वारा किए गए फैसलों को वापिस किया गया है। बुढ़ापा व विधवा पेंशन 1 नवंबर से 1500 रुपये मिलनी थी, जिसे घटाकर 1200 रुपये कर दिया गया, जबकि भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में 2 हजार रुपये प्रति माह पेंशन का वादा किया गया था।
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उन्होंने कहा कि अब तक सरकार ने जो फैसले लिए हैं। उसके संकेत प्रदेश के लिए अच्छे नहीं दिखते। हुड्डा से जब सवाल किया गया कि प्रदेश सरकार पूर्व कांग्रेस सरकार पर प्रदेश की आर्थिक स्थिति कमजोर छोड़कर जाने के आरोप लगा रही है, का जवाब देते हुए हुडडा ने कहा कि प्रदेश की आय व ग्रोथ के हिसाब से कोई भी प्रदेश 22 प्रतिशत ऋण ले सकता है, कांग्रेस सरकार ने तो 18 फीसदी ही लिया है।

उसके बाद भी सरकार श्वेत पत्र जारी क्यों नहीं करती। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कभी भी किसान हितैषी नहीं हो सकती। किसान को उसकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने मांग की कि सरकार जनविरोधी फैसले वापिस ले। डीजल पर लगाया गया वैट वापस करे।
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