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मैंने नहीं बनाया, बंदी तो मैं था: रामपाल

Thu, 20 Nov 2014 07:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सतलोक आश्रम से गिरफ्तारी के बाद पहली बार मीडिया के सामने बयान देते हुए रामपाल ने खुद को बेगुनाह बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें फंसाया गया है। उन्होंने किसी भी अनुयायी को बंधक नहीं बनाया, बल्कि उन्हें आश्रम में बंधक बनाया गया था। शुक्र है कि पुलिस ने उन्हें छुड़वा लिया। हाईकोर्ट से पहले दो पेशी से अनुपस्थित रहने के सवाल पर रामपाल बोले कि वे पहले बीमार थे, लेकिन अब ठीक हो चुके हैं।
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सभी समर्थक अपनी मर्जी से आश्रम आए। उन्होंने अनुयायियों को अपनी सुरक्षा के लिए ढाल नहीं बनाया। गौर हो कि सतलोक आश्रम से कल रात गिरफ्तारी के बाद रामपाल को पंचकूला अस्पताल लाया गया था। यहां मेडिकल जांच में रामपाल पूरी तरह फिट मिले थे। फिर उन्हें अस्पताल से पूछताछ के लिए सेक्टर 5 थाना ले जाया गया है।

इससे पहले सुबह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आज रामपाल की जमानत रद्द करते हुए दोपहर दो बजे हाईकोर्ट में पेश करने को कहा था। रामपाल पर हत्या के केस में वारंट जारी हुआ था। पंचकूला में भारी सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
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28 तक जेल में रहेगा रामपाल

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में रामपाल को पेश कर दिया गया। हाईकोर्ट ने रामपाल को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश जारी कर दिए है। मामले की अगली सुनवाई 28 नवंबर तक होगी।

इससे पहले सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से आपरेशन के दौरान खर्च पर रिपोर्ट मांगी। आपरेशन के दौरान कितने लोग घायल हुए हैं उसकी भी जांच की जाए।

साथ ही, चीफ सेक्रेटरी हरियाणा को कहा है कि रिपोर्ट पेश करें जिसमें रामपाल की सम्पत्ति का ब्यौरा दिया जाए। हाईकोर्ट ने सरकारों से पूछा, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में क्या ऐसे और भी धार्मिक स्थल हैं जहां हथियार और गोला बारूद होने की संभावना है।

सभी डेरों-आश्रमों की संपत्ति की जांच हो। बाबाओं की भी जानकारी दें। वहीं, एमिकस क्यूरी से पूछा गया कि क्या मर्डर मामले में क्या सुनवाई रोहतक कोर्ट से दूसरी कोर्ट में कर दी जाए।

हाईकोर्ट ने रामपाल को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश जारी करते हुए अगली सुनवाई 28 नवंबर तक स्थगित कर दी।

हाईकोर्ट में रामपाल पेश

पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट में रामपाल को पेश कर दिया गया। हाइकोर्ट ने रामपाल को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश जारी कर दिए है। मामले की अगली सुनवाई 28 नवंबर तक होगी। इससे पहले रामपाल को पंचकूला के सेक्टर 5 थाने से हाईकोर्ट लाया गया था।

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 2006 से चल रहे कत्ल केस में 2008 में मिली रामपाल की जमानत रद कर दी है। हाईकोर्ट ने दो दिन पहले रामपाल के मामले में सुनवाई के बाद रिजर्व रखे फैसले को आज सुबह सुनाया और रामपाल को तुरंत कस्टडी लेने के आदेश जारी किया था।

इसके बाद हरियाणा के एडवोकेट जनरल ने सरकार की ओर से कोर्ट को सूचित किया कि रामपाल को गैर जमानती वारंट के तहत गिरफ्तार किया है। इसके बाद रामपाल की पेशी 21 नवंबर की बजाय आज करने की अनुमति मांगी गई। हाईकोर्ट ने सरकार की दलील स्वीकार करते हुए रामपाल को दोपहर 2 बजे पेश करने को कहा।

पंचकूला अस्पताल में दाखिल है रामपाल

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आज रामपाल की जमानत रद्द करते हुए दोपहर दो बजे हाईकोर्ट में पेश करने को कहा है। रामपाल पर अदालत की अवमानना को लेकर वारंट जारी हुआ था। संत रामपाल अभी पंचकूला के जनरल अस्पताल में दाखिल है। वहां भारी सुरक्षा इंतजाम किए गए है। सूत्र बताते हैं कि पुलिस रामपाल को अस्पताल के बाद पूछताछ के लिए सीआईए लेकर जा सकती है।

क्‍यों जारी हुआ है गैर जमानती वारंट
12 जुलाई, 2006 को हरियाणा के रोहतक के करौंथा में बाबा रामपाल द्वारा संचालित सतलोक आश्रम के बाहर एक युवक की मौत हो गई थी। इस मामले में बाबा रामपाल और उसके 37 समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। इसी मुद्दे पर 12 मई, 2013 को करौथा में पुलिस व ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प में तीन लोगों की मौत हो गई थी।

14 मई, 2013 को पुलिस ने आश्रम खाली कराया। संत रामपाल बरवाला स्थित आश्रम में चला गया। इन्हीं मामलों में बाबा रामपाल और उसके अनुयायियों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। पेशी से छूट खत्म होने के बाद हिसार कोर्ट में 14 मई, 2014 को रामपाल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई।

सुनवाई के दिन समर्थकों ने वकीलों से हाथापाई की, जजों के खिलाफ नारेबाजी भी की। हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लिया। उसे पेश होने का आदेश दिया गया। कई सुनवाई पर बाबा पेश नहीं हुआ तो अदालत ने रामपाल और उसके अनुयायी व सेवा समिति के अध्यक्ष रामकुमार ढाका के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया।

रामपाल ने गिरफ्तारी के लिए शर्तें रखी

सतलोक आश्रम से बुधवार रात संत रामपाल की गिरफ्तारी पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गिरफ्तारी की स्क्रिप्ट दिन में लिखी जा चुकी थी। सतलोक आश्रम में जो पुलिस पिछले 10 दिन से रामपाल को गिरफ्तार न कर पाई, वो रामपाल अचानक कल रात गिरफ्तार हो गए।

गिरफ्तारी का मंजर कुछ ऐसा कि रात सवा 9 बजे तीन एंबूलेंस आश्रम गेट पर रुकी और अब तक बारूद फेंकने वाले रामपाल के कमांडो एक साइड हो गए और पुलिस आराम से रामपाल को चेहरे पर कपड़ा डालकर एंबूलेंस में ले गई। बताया जा रहा है कि रामपाल की गिरफ्तारी में कुछ शर्तें भी सामने आ रही हैं।

बताया जा रहा है कि मंगलवार को पुलिस की कार्रवाई के बाद रामपाल ने अपने अनुयायियों के माध्यम से आला अधिकारियों से संपर्क साधा। उसने संदेश भेजा कि कुछ शर्तों पर वह सरेंडर कर सकते हैं। प्रशासन ने शर्तें पूछीं तो कहा कि पहली शर्त अनुयायियों को सकुशल बाहर निकलने दिया जाए और आश्रम की तलाशी न ली जाए।

माना जा रहा कि इसी शर्त के कारण दिनभर पुलिस ने अनुयायियों को निकलने का मौका दिया और रात में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब देखना यह है कि पुलिस आश्रम की तलाशी लेती है या नहीं।

देर रात लाया गया पंचकूला

हिसार के सतलोक आश्रम से गिरफ्तार किए गए संत रामपाल को आज पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में पेश किया जाएगा। संत को गिरफ्तार करने के बाद देर रात 12.50 बजे पंचकूला लाया गया। इसके बाद सेक्टर छह स्थित जिला अस्पताल में उनका मेडिकल कराया गया। रात दो बजे बाबा की मेडिकल जांच पूरी हुई।

अस्पताल के प्रवक्ता राजेश राजू ने बताया कि जांच में उन्हें पूरी तरह स्‍वस्‍थ पाया गया। भारी सुरक्षा व्यवस्‍था के बीच रामपाल को एक एंबुलेंस पंचकूला के जनरल अस्पताल लेकर पहुंची। बरवाला आश्रम से मुंह ढंककर निकले रामपाल अब सिर्फ सिर पर तौलिया डाले हुए थे। तत्काल सुरक्षा कर्मी उन्हें लिफ्ट से तीसरी मंजिल पर स्थित जनरल वार्ड ले गए।

जीएमसीएच में मेडिकल की तैयारी की गई

हिसार में रामपाल की गिरफ्तारी के बाद चंडीगढ़ लाने की सूचना पर पंचकूला और चंडीगढ़ प्रशासन सक्रिय हो गया। संत के मेडिकल के लिए पंचकूला जिला अस्पताल और गवर्नमेंट मेडिकल कालेज अस्पताल (जीएमसीएच) चंडीगढ़ को तैयार किया गया था।

जीएमसीएच के ब्लाक सी के रूम नंबर 71 को रामपाल को रखने की पूरी तैयारी की गई थी। अस्पताल पर पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती भी कर दी गई थी।

लेकिन, देर रात प्रशासन ने रामपाल का मेडिकल पंचकूला के सेक्टर छह स्थित अस्पताल में कराने का फैसला किया। संत को जिला अस्पताल की तीसरी मंजिल स्थित जनरल वार्ड ले जाकर मेडिकल कराया गया।

चंडीगढ़ में किया गया हाई अलर्ट

आश्रम से रामपाल की गिरफ्तारी के साथ ही चंडीगढ़ में हाई अलर्ट कर दिया था। रामपाल के समर्थकों के आने की आशंका के कारण सभी नाकों पर पुलिस तैनात कर दी गई। पीसीआर की गश्त भी सिटी में बढ़ा दी गई।

सेक्टर-32 के अस्पताल में डीआईजी एएस चीमा समेत चंडीगढ़ पुलिस के कई आला अधिकारी मौजूद रहे। पंचकूला, चंडीगढ़ और जीरकपुर के साथ अस्पतालों में भी फोर्स की ड्यूटी लगा दी गई।

चंडीगढ़ पुलिस, सीआरपीएफ, आरएएफ और हरियाणा पुलिस के साथ रेलवे पुलिस भी संत की गिरफ्तारी के बाद अलर्ट हो गई है। सेक्टर-32 के अस्पताल में पुलिस के कमांडो को तैनात कर दिया था। वहीं बाहर चंडीगढ़ पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।

फांसी या उम्रकैद हो सकती है

अवमानना मामले में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में पेश न होकर पिछले 14 दिनों से पुलिस महकमे और प्रदेश सरकार की आंख की किरकिरी बने सतलोक आश्रम के प्रमुख रामपाल को बुधवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया।

पांच हजार अनुयायियों से घिरे रामपाल को सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों ने आश्रम में घुसकर गिरफ्तार किया। रामपाल सहित कइयों पर देशद्रोह सहित कई संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जिनमें फांसी या उम्रकैद का प्रावधान है।

आश्रम पर अब सीआरपीएफ के जवानों ने कब्जा कर लिया है, हालांकि पुलिस का कहना है कि आश्रम में अब भी तीन-चार हजार समर्थक हो सकते हैं। संत के बेटे, भाई व प्रवक्ता सहित 459 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें से 200 को जेल भेज दिया गया है।

20 हजार अनुयायियों ने किया सरेंडर

आईजी अनिल राव बताया कि रामपाल को 9.21 मिनट पर गिरफ्तार किया गया। पूरे दिन शांति से आश्रम के अनुयायियों के निकलने का इंतजार करती रही पुलिस अचानक शाम सात बजे सक्रिय हो गई और तीन गाड़ियों में सीआरपीएफ के जवान और पुलिस अधिकारी आश्रम में घुस गए।

रात 9.30 बजे दो गाड़ियां बाहर निकलीं इनमें एक एंबुलेंस थी, जिसमें रामपाल था। ये गाड़ियां चंडीगढ़ रवाना हो गईं। इससे पूर्व 20 हजार अनुयायियों ने सरेंडर कर दिया था।

सतलोक आश्रम प्रमुख की गिरफ्तारी में कुछ शर्तें भी सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि मंगलवार को पुलिस की कार्रवाई के बाद रामपाल ने अपने अनुयायियों के माध्यम से आला अधिकारियों से संपर्क साधा।

उसने संदेश भेजा कि कुछ शर्तों पर वह सरेंडर कर सकते हैं। प्रशासन ने शर्तें पूछीं तो कहा कि पहली शर्त अनुयायियों को सकुशल बाहर निकलने दिया जाए और आश्रम की तलाशी न ली जाए।

माना जा रहा कि इसी शर्त के कारण दिनभर पुलिस ने अनुयायियों को निकलने का मौका दिया और रात में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब देखना यह है कि पुलिस आश्रम की तलाशी लेती है या नहीं।

संत रामपाल पूरी तरह से फिट

संत रामपाल को गिरफ्तारी के बाद देर रात पंचकूला अस्पताल लाया गया। पंचकूला सेक्टर6 में उनकी की गई मेडिकल जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए।

दरअसल मेडिकल जांच में सामने आया कि संत रामपाल पूरी तरह से फिट हैं। उन्हें ऐसी कोई बीमारी नहीं है जिनकी वजह से वो हाईकोर्ट में पेश होने से अनफिट करार दिए गए। डॉक्टर ने उन्हें कोर्ट में पेशी के लिए पूरी तरह से फिट करार दिया।

उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट से समन जारी होने के बाद संत रामपाल मेडिकल ग्राउंड के आधार पर पेशी में छूट मांगते आए थे और वो चाहते थे कि उनकी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनकी कोर्ट में पेशी की जाए।

आश्रम में घुसकर गिरफ्तार किया

हाईकोर्ट के सख्त रूख के बाद उन्हें गिरफ्तारी की रास्ता साफ हुआ और आखिरकार 14 दिनों की जद्दोजहद के बाद अवमानना मामले में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में पेश न होकर पुलिस महकमे और प्रदेश सरकार की आंख की किरकिरी बने सतलोक आश्रम के प्रमुख रामपाल को बुधवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया।

पांच हजार अनुयायियों से घिरे रामपाल को सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों ने आश्रम में घुसकर गिरफ्तार किया। आश्रम पर सीआरपीएफ के जवानों ने कब्जा कर लिया।

गिरफ्तारी की घोषणा करते हुए आईजी अनिल राव बताया कि रामपाल को 9.21 मिनट पर गिरफ्तार किया गया। रामपाल को वीरवार को कोर्ट में पेश किया जा सकता है।

मंत्री अनिल विज के विवादास्पद बयान

हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सतलोक आश्रम कांड की तुलना ऑपरेशन ब्लू स्टार से कर डाली। मंत्री अनिल विज ने कहा कि भाजपा सरकार सतलोक आश्रम में आपरेशन ब्लू स्टार नहीं करना चाहती है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस ने अब तक बिना बल प्रयोग और फायरिंग के आश्रम से हजारों लोगों को बाहर निकालने में सफलता हासिल की है। इसके अलावा, लगभग पांच हजार लोग अब भी आश्रम में मौजूद हैं जिन्हें जल्द ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।

यहां पत्रकारों से बातचीत में विज ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करवाने के लिए हरियाणा सरकार वचनबद्ध है। विज ने कहा कि सरकार बिना किसी जानमाल के नुकसान के सतलोक आश्रम बरवाला से संत रामपाल की गिरफ्तारी की कोशिश की।

मामले को धैर्यपूवर्क सुलझाया जा रहा है

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस मामले में विपक्षी पार्टियां आग में घी डालने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को राजनीतिक अखाड़ा नही बनाना चाहते।

कांग्रेस तथा इनेलो सहित विपक्षी पार्टियों का भी दायित्व बनता है कि संत रामपाल से यदि किसी भी पार्टी के नजदीकी संबंध है तो वे रामपाल को अदालत के आदेशों का पालन करने की सलाह दें। रामपाल ने अपने बचाव के लिए आश्रम में मानव श्रृंखला बना रखी है।

विज ने कहा कि पत्रकारों को लगी चोट के संबंध में कहा कि सरकार ने इस बाबत रिपोर्ट मांगी है और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को बने मात्र 20 दिन हुए है इसके बावजूद मामले को धैर्यपूवर्क सुलझाया जा रहा है।
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क्या है ऑपरेशन ब्लू स्टार मामला

आपरेशन ब्लू स्टार भारतीय सेना द्वारा 3 से 6 जून 1984 को अमृतसर (पंजाब, भारत) स्थित हरिमंदिर साहिब परिसर को खालिस्तान समर्थक जनरैल सिंह भिंडरावाले और उनके समर्थकों से मुक्त कराने के लिए चलाया गया अभियान था।

सैन्य कार्रवाई में भीषण ख़ून-ख़राबा हुआ। अकाल तख़्त पूरी तरह तबाह हो गया। सरकार के श्वेतपत्र के विवादित आंकड़े के अनुसार 83 सैनिक मारे गए और 249 घायल हुए। 493 चरमपंथी या आम नागरिक मारे गए, 86 घायल हुए और 1592 को गिरफ़्तार किया गया।

इसका दुष्परिणाम तब सामने आया जब दो सिख सुरक्षाकर्मियों ने कुछ ही महीने बाद 31 अक्टूबर को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या कर दी। इसके बाद सिख विरोधी दंगा भड़का था। जब तक ये विवादित मामला उठ खड़ा होता है।
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