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संजय टंडन बोले- बेदाग रहा है 10 साल का कार्यकाल, अब पार्टी के हाथ में मेरे भविष्य का फैसला

Thu, 16 Jan 2020 10:10 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
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संजय टंडन - फोटो : अमर उजाला
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भाजपा चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन ने कहा कि वह अपने कार्यकाल से 100 फीसदी संतुष्ट हैं। पार्टी को उन्होंने हर मोर्चे पर जीत दिलाई है। प्रदेश अध्यक्ष पद पर 10 साल का कार्यकाल बेदाग रहा है और इस दौरान उन्होंने सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश की है। संजय टंडन बुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से रूबरू थे। इस दौरान उन्होंने अपनी उपलब्धियां भी गिनाईं।
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संजय टंडन ने कहा कि वर्ष 2010 में जब वह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने थे तो उस समय शहर में भाजपा के 12 हजार सदस्य थे। अब शहर भर में करीब 90 हजार सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष बनने के साथ ही उन्होंने उन सभी लोगों को पार्टी के साथ जोड़ा जो किसी कारणवश पार्टी में सक्रिय नहीं थे। इस दौरान टंडन ने ऐसे करीब 7 बड़े नेताओं का जिक्र किया।

टंडन ने कहा कि उनकी कोशिश रही कि सभी को साथ लेकर चला जाए, हालांकि इस दौरान कुछ लोग नाराज भी हुए लेकिन सभी ने मिलकर पार्टी के लिए काम किया, जिसके नतीजे लोकसभा चुनाव, नगर निगम चुनावों में देखने को मिले। संजय टंडन जनवरी 2010 में प्रदेश अध्यक्ष बने थे, जिसके बाद से अभी तक वह इस पद पर काबिज रहे।
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टंडन का दूसरा कार्यकाल जनवरी 2016 में खत्म हो गया था, बावजूद इसके पार्टी ने टंडन पर विश्वास जताया और अध्यक्ष पद पर बनाए रखा। टंडन ने दावा किया कि लगातार 10 साल तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहने वाले देश के वह पहले नेता हैं।
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मैंने गुटबाजी को जन्म नहीं दिया

पार्टी में गुटबाजी को लेकर पूछे गए सवाल पर संजय टंडन ने कहा कि उन्होंने सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश की। कुर्सी एक है और अगर उसके लिए कोई लड़ रहा है तो उसमें मेरा कोई कसूर नहीं। टंडन ने कहा कि उन्होंने गुटबाजी को जन्म नहीं दिया है।

राजनीतिक भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर टंडन ने कहा कि वह भाजपा के एक कार्यकर्ता के रूप में वह काम करते रहेंगे। वह खाली नहीं बैठ सकते। राजनीतिक भविष्य का फैसला पार्टी ही करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसी पार्टी हैं, जहां मांग कर कुछ नहीं मिलता।

किरण खेर की एंट्री ने मुझे और परिपक्व बनाया
जब संजय टंडन ने पूछा गया कि प्रदेश कि राजनीति में किरण खेर की एंट्री के बाद से उनकी राजनीति कितनी प्रभावित हुई। इस पर टंडन ने कहा कि किरण खेर की राजनीतिक एंट्री से वह और निखरे व ज्यादा परिपक्व बने हैं। कहा कि, किरण खेर को पहली बार डड्डूमाजरा में हो रहे एक धरने में वही लेकर गए थे। उसके बाद नगर निगम के पार्षदों से मिलवाया।

टंडन ने कहा कि कॉलेज में जब वह बैडमिंटन खेलते थे, उस वक्त से वह किरण खेर के परिवार को जानते हैं।
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