गांव अरमान वाला में नई नीति के अंतर्गत रेत की निकासी का काम शुरू करने गए पंजाब लघु उद्योग निर्यात निगम अधिकारियों पर रेत माफिया ने हथियारों और रॉड से धावा बोल दिया। थाना धर्मकोट में निगम अधिकारी की शिकायत पर 250 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
मामले की जांच कर रहे एएसआई बलबीर सिंह ने बताया कि पंजाब लघु उद्योग निर्यात निगम अधिकारी दविंदरपाल सिंह ने पुलिस को शिकायत की थी कि वह सतलुज दरिया के बीच वाले गांव अरमान वाला में नई नीति के अंतर्गत रेत की निकासी का काम शुरू करने गए थे। इस मौके पर उनके साथ एक निजी कंपनी के सुरक्षा कर्मचारियों के अलावा निगम का अमला भी था। पुलिस के मुताबिक निगम अधिकारी सतलुज दरिया में जमीन की निशानदेही कर सीमेंट के पोल लगा रहे थे और ट्रक में सामान पड़ा था।
इस दौरान सतलुज दरिया के पास जालंधर में पड़ते गांव जोधे, राजेवाल और टेडीवाल के करीब 250 पुरुष-महिलाओं ने अधिकारी पर हथियारों से हमला कर दिया। अधिकारियों ने भाग कर जान बचाई। इस दौरान हमलावरों ने निगम की तरफ से लाए टैंट, कुर्सियों, मेज और ट्रक में पड़ा सामान भी तोड़-फोड़ दिया। पुलिस ने 250 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
यहां यह बताने योग्य है कि पंजाब सरकार की नई नीति के अंतर्गत सूबे में से रेत की समस्या के हल के लिए 40 खड्ढों में से रेत की निकासी का काम प्राइवेट ठेकेदारों की जगह पंजाब लघु उद्योग निर्यात निगम को देकर नोडल एजेंसी नामजद किया गया है। जिले के गांव संघेड़ा में 27 नवंबर को सरकारी तौर पर रेत की निकासी शुरू की गई थी और गांव अरमान वाला में भी रेत की निकासी का काम शुरू किया जाना था।