समझौता ब्लास्ट मामले में चल रहे ट्रायल के दौरान मंगलवार को ट्रेन के तत्कालीन गार्ड ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए।
गार्ड रामधन सिंह ने कहा कि घटना के दिन जब यह ट्रेन दिल्ली से रवाना होने वाली थी, उस समय दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे।
कोई भी आसानी से ट्रेन में आता-जाता था। यह ट्रेन करीब 10 बजकर 58 मिनट पर दिल्ली रेलवे स्टेशन से चली थी और पानीपत के दिवाना के नजदीक उन्होंने धुआं उठता देखा।
तीन डिब्बे छोड़कर दो डिब्बों से धुआं उठ रहा था। इसके बाद उन्होंने खुद ही इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी और सूचना प्रसारित की।
ट्रायल के दौरान स्वामी असीमानंद सहित अन्य आरोपी भी कोर्ट में मौजूद रहे।