पानीपत के समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट मामले में सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को उस समय झटका लगा, जब इस मामले में तीन गवाह मुकर गए।
सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान एवं राजेंद्र चौधरी को पेश किया गया। इस दौरान एनआइए द्वारा एक आरोपी भरत भाई की पत्नी कविता को बतौर गवाह पेश किया गया।
कविता ने अदालत में कहा कि उसके पति का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है।
इसी तरह गवाह शिवम बांगड़ जिस पर विस्फोट में आरोपियों की मदद का आरोप था, ने कहा कि जब यह घटना हुई थी, तो वह जेल में बंद था।
एनआइए ने पता नहीं कहां से उसे इस केस में जोड़ दिया। इसी प्रकार महाराष्ट्र के जगदीश भाई ने भी आरोपियों की मदद करने के ब्यान से पलटी मार दी। अब मामले में अगली सुनवाई 17 और 18 जुलाई को होगी।