दर्दनाक हादसे में 22 साल के नौजवान की मौत हो गई। मां-बाप ने मिसाल पेश करते हुए मौत से हार चुके अपने बेटे के अंगदान कराकर दो लोगों को नई जिंदगी दी।
मृतक युवक पटियाला के गांव बारही खेड़ी का रहने वाला था। नाम था बागड़ी और पीजीआई में 2 परिवारों के लिए एक परिवार फरिश्ता बनकर आया था। परिजनों की स्वीकृति के बाद बागड़ी की किडनियां दो मरीजों को ट्रांसप्लांट की गईं।
सफल ट्रांसप्लांट के बाद दोनों को नई जिंदगी मिल गई और बागड़ी अपना नाम कर गया। दोनों मरीज पिछले तीन-चार साल से डायलिसिस के सहारे चल रहे थे। उन्हें किडनी नहीं मिल रही थी। पीजीआई चंडीगढ़ ने अंगप्रत्यारोपण कर उन्हें नई जिंदगी दी।