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बेमिसालः मां-बाप ने कराए मौत से हर चुके बेटे के अंगदान, 2 को मिली नई जिंदगी

Wed, 22 Feb 2017 09:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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दर्दनाक हादसे में 22 साल के नौजवान की मौत हो गई। मां-बाप ने मिसाल पेश करते हुए मौत से हार चुके अपने बेटे के अंगदान कराकर दो लोगों को नई जिंदगी दी।
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मृतक युवक पटियाला के गांव बारही खेड़ी का रहने वाला था। नाम था बागड़ी और पीजीआई में 2 परिवारों के लिए एक परिवार फरिश्ता बनकर आया था। परिजनों की स्वीकृति के बाद बागड़ी की किडनियां दो मरीजों को ट्रांसप्लांट की गईं।

सफल ट्रांसप्लांट के बाद दोनों को नई जिंदगी मिल गई और बागड़ी अपना नाम कर गया। दोनों मरीज पिछले तीन-चार साल से डायलिसिस के सहारे चल रहे थे। उन्हें किडनी नहीं मिल रही थी। पीजीआई चंडीगढ़ ने अंगप्रत्यारोपण कर उन्हें नई जिंदगी दी।
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इस तरह से हुआ था हादसा

बाइक सवार की मौत - फोटो : Demo pic
7 फरवरी को बाइक सवार बागड़ी की दूसरे वाहन से टक्कर हा गई थी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद उसे पीजीआई लाया गया। बागड़ी को सिर में गहरी चोट लगी थी जिस कारण वह जिंदगी और मौत के बीच में झूल रहा था। आखिर जीत मौत की हुई।

पीजीआई के चिकित्सकों ने बागड़ी के परिजनों को अंगदान के लिए प्रेरित किया। परिजनों ने बहादुरी दिखाते हुए अपने बागड़ी की किडनियों से दो लोगों को जिंदगी देने का फैसला लिया। जिसके बाद सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की गई और दो मरीजों को किडनी ट्रांसप्लांट की गई।

उनके पिता ने बागड़ी को खोने का कभी न भरने वाला जख्म बताया। उन्होंने कहा कि वह उनकी जिंदगी का सहारा था। लेकिन अंगदान किसी और की जिंदगी का सहारा छिनने से बचाएगा। इसलिए उन्होंने अंगदान करने का फैसला लिया।
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