चंडीगढ़ के स्कूलों के 100 गज के दायरे में तंबाकू की बिक्री और खरीद पर रोक लगा दी गई है। अगर कोई आदेश का उल्लघंन करते पाया गया तो उसके खिलाफ नियमों के मुताबिक कार्रवाई होगी। स्कूलों के बाहर तंबाकू की स्टॉल और सजाई जा रही दुकानों के मुद्दे पर अमर उजाला ने 19 दिसंबर को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में विभाग के अधिकारियों के साथ चंडीगढ़ पुलिस और डीसी दफ्तर के कलस्टर अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई गई। साथ ही पुलिस के अधिकारी स्कूलों में जागरूकता शिविर लगाकर बच्चों को नशे के खिलाफ जागरूक कर इसके नुकसान के बारे में समझाया जा रहा है।
बैठक में अधिकारियों को भारत सरकार की तरफ से जारी की गई तंबाकू फ्री एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस गाइडलाइंस रिवाइज्ड-2020 को लागू करवाने को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग की ओर से सभी सरकारी और निजी स्कूलों को भी तंबाकू जागरुकता को लेकर पत्र जारी किया गया है। शिक्षा विभाग ने कहा कि स्कूलों के बाहर बच्चों में नशे के सेवन को लेकर स्कूलों सहित चंडीगढ़ पुलिस के साथ मिलकर व्यवस्था बनाई गई है, जिससे बच्चों को इस नकारात्मकता से बचाया जा सके।
जीएमएसएसएस-23 में नशे के खिलाफ करवाया नाटक
डीएसपी चरणजीत सिंह ने बताया कि नशे के खिलाफ बच्चों को जागरूक करने लेकर जीएमएसएसएस-23 में नाटक का मंचन करवाया गया। वहीं स्कूलों के आस-पास के क्षेत्रों में भी ध्यान रखा जा रहा है कि बच्चों को नशा नहीं बेचा जाए।
जीएमएसएसएस-रायपुरखुर्द में अभिभावकों को किया जागरूक
रायपुरखुर्द स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीएसपी सुखविंदर पाल सोंधी ने स्कूल में बच्चों के साथ नशे को लेकर चर्चा की और इसके नुकसान बताए। छात्रों से कहा गया कि वे अपने आसपास के क्षेत्र में नशा करने वाले या नशीला पदार्थ बेचने वाले व्यक्तियों के बारे में पुलिस विभाग को सूचित करें। विद्यार्थियों ने अपने परिवार को नशे की लत से बचाने का संकल्प लिया। स्कूल के शिक्षकों ने स्कूल के आसपास के 100 मीटर के दायरे में रहने वाले निवासियों को निर्देश दिया कि यह नो तंबाकू जोन है और स्कूल के आसपास नशे को नहीं बेचा जाए।