चंडीगढ़। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) यात्रियों के सफर को सुरक्षा के साथ ही आरामदायक बनाने के लिए पहली बार सुपर लग्जरी बसों की सुविधा शुरू कर दी है। हीटिंग वेंटिलेशन एंड एयर कंडीशन (एचवीएसी) बसें एसी, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट और एलईडी डेस्टिनेशन बोर्ड सहित कई अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं। इसके अलावा पैनिक बटन लगे हैं, जिन्हें डॉयल 100 से कनेक्ट किया गया है। शुक्रवार को पंजाब के गवर्नर वीपी सिंह बदनौर ने सेक्टर 17 बस स्टैंड से लांग रूट के लिए 31 एचवीएसी बसों को रवाना किया। इस मौके पर एडवाइजर मनोज परिदा के साथ प्रशासन के आलाधिकारी मौजूद रहे।
सुबह करीब 11 बजे प्रशासक ने इन हाईटेेक बसों को हरी झंडी दिखाई। इनमें नवीनतम इलेक्ट्रॉनिक तकनीक नियंत्रित डीजल इंजन हैं। सभी बसें वास्तविक समय के ट्रैकिंग के लिए कैमरे, एलईडी डेस्टिनेशन बोर्ड और जीपीएस डिवाइस से लैस हैं। इसके साथ ही बसों में सीट की हर पंक्ति रीडिंग लाइट्स, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट्स, एसी लोवर्स आदि से सुसज्जित हैं। एचवीएसी बस की लागत 50 लाख है। ये बसें शिमला, मनाली, देहरादून, अमृतसर, हिसार, हरिद्वार, दिल्ली, झांसी, ज्वाला जी, बैजनाथ तक लंबे मार्गों पर चलेंगी।
ऐसे काम करेगी पैनिक बटन
सीटीयू ने महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इन 31 लंबे रूट की एचवीएसी बसों में पैनिक बटन की शुरुआत की है। इन बसों में जीपीआरएस एक्टिव होने से इन्हें डॉयल 100 से जोड़ा जाएगा। एक बार जब कोई यात्री अलर्ट बटन दबाता है, तो परिवहन विभाग और पुलिस नियंत्रण कक्ष को सतर्क कर दिया जाएगा और बस पंजीकरण संख्या और उसके स्थान का उल्लेख करते हुए नियंत्रण कक्ष को एक संदेश भेजा जाएगा।
सीटीयू 51 मार्गों पर कर रहा है बसों का संचालन
अभी सीटीयू पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से सटे राज्यों में 51 मार्गों पर 128 इंटर-स्टेट बसों का संचालन कर रहा है। विभाग का लक्ष्य साधारण बसों के पुराने बेड़े को तीन लॉट में 120 एचवीएसी बसों से बदलना है। सबसे पहले 40 एचवीएसी बसों का आदेश दिया गया है, जिसमें 37 एचवीएसी बसें पहले से ही रूटों पर चल रही हैं। 40 एचवीएसी बसों में से शुक्रवार को 31 बसों को हरी झंडी दिखाई गई।