शिअद को दूसरा बड़ा झटका लगा है। पार्टी के लगातार 10 साल विधायक रहे अविनाश चंद्र ने शिअद को अलविदा कह दिया है। पार्टी ने अविनाश का टिकट काट दिया था और उनके स्थान पर फिल्लौर से बसपा नेता को शिअद में शामिल कर बदलेव खैहरा पर अपना दांव खेला है।
ऐसे में अविनाश चंद्र पार्टी में घुटन महसूस कर रहे थे। उन्होंने शुक्रवार को शिअद से इस्तीफा दे दिया है। अविनाश चंद्र पहले बसपा के ही नेता थे और 2007 में सुखबीर ने उनको शिअद में ज्वाइन करवाकर करतारपुर से चुनाव लड़ाया था, जिसमें अविनाश चंद्र जीत गए थे।
2012 में अविनाश चंद्र पर शिअद ने दोबारा दांव खेला और उनको फिल्लौर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाया गया था, जहां से अविनाश चंद्र जीतकर लगातार दूसरी बार विधानसभा पहुंच गए थे। रविदासिया समाज के नेता अविनाश चंद्र का टिकट इस बार शिअद ने काट दिया है, जिससे वह काफी आहत चल रहे थे।
अविनाश चंद्र के खिलाफ ईडी केस की जांच कर रही है। उन पर ड्रग के आरोप में गिरफ्तार चुन्नी लाल गाबा और गुरमेज गाबा के परिवार के साथ पैसे के लेनदेन के आरोप थे।
इस बारे में ईडी को कई पुख्ता सबूत मिले थे। अविनाश चंद्र ने कहा कि वह आगे किस पार्टी का दामन थामेंगे, यह बता नहीं सकते क्योंकि अभी उन्होंने इस बारे में विचार नहीं किया है। वहीं सूत्रों के मुताबिक अविनाश चंद्र दोबारा बसपा का दामन थाम सकते हैं और उनकी पार्टी में लगभग बात फाइनल हो चुकी है।