फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरसिमरत कौर बादल बोलीं- जान गंवाने वाले 150 किसानों पर पीएम ने एक शब्द नहीं बोला, यह दुर्भाग्यपूर्ण

Wed, 10 Feb 2021 07:39 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
हरसिमरत कौर बादल। - फोटो : ANI
विज्ञापन

पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर निराशा व्यक्त की। हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि मुझे लगता है कि यह समय किसानों की बात सुनने का है कि वो क्या चाहते हैं। पीएम ने कहा कि पंजाब में मंत्रियों ने जाकर किसानों से बात की।

विज्ञापन


काश वह बताते कि किस किसान से बात की गई थी क्योंकि जहां तक मुझे याद है, पंजाब में जो मंत्री गए थे, उन्होंने तो बात करने के बजाय किसानों को गुंडा कहा था। दिल्ली की सीमा पर धरनारत किसानों की हो रही लगातार मौत के बारे में हरसिमरत ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पीएम ने एक भी शब्द उन 150 किसानों के लिए नहीं कहा, जिनकी जान जा चुकी है।

एमएसपी पर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
हरसिमरत कौर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूर्व में मुख्यमंत्री के रूप में किसानों के हितों की रक्षा का समर्थन किया था। अब ऐसा क्या बदल गया है कि वह किसानों की बात भी सुनने को तैयार नहीं हैं। दिल्ली में उपद्रव खुफिया विभाग की विफलता के कारण हुआ है, इसकी जांच की जरूरत है।
विज्ञापन


हरसिमरत कौर ने बताया कि 2011 में बतौर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों की कार्यसमिति के अध्यक्ष में रूप में सिफारिश की थी कि किसान, व्यापारी लेन-देन को न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे के लेनदेन को समाप्त कर किसानों की हितों की रक्षा की जानी चाहिए। यह ठीक है कि देशभर के किसान यही मांग कर रहे हैं। मैं यह नहीं समझ पा रही हूं कि क्या बदल गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार मांग को पूरा क्यों नहीं कर रही है और साथ ही कृषि कानूनों को रद्द क्यों नहीं कर रही है। किसानों, नौजवानों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले क्यों दर्ज किए जा रहे हैं। हरसिमरत कौर ने कहा कि आजादी आंदोलन के दौरान 70 फीसदी बलिदान देने वाले समुदाय के बारे में कहा जा रहा है कि उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया। 

यह अजीब बात है कि खुफिया विभाग की असफलता की कोई जांच नहीं हुई जिसके कारण हिंसक घटनाएं हुई। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने अन्नदाता के साथ एकजुट खड़े रहने का फैसला लिया है और केंद्रीय मंत्रिमंडल के साथ-साथ एनडीए गठबंधन को भी छोड़ दिया।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें