आरएसएस यानी राष्ट्रीय सिख संगत के संस्थापक व सरपरस्त ज्ञानी चिरनजीव सिंह ने राम रहीम को माफी मामले में प्रतिक्रिया व्यक्त की।
उन्होंने कहा है कि अकाल तख्त सर्वोच्च है। इसके हुक्मनामे को चुनौती नहीं दी जा सकती। चिरनजीव सिंह राष्ट्रीय सिख संगत के मालवा जोन इंचार्ज पूर्व सांसद राजदेव सिंह खालसा के निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
ज्ञानी चिरनजीव सिंह ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को आडे़ हाथों लेते हुए कहा कि एसजीपीसी सिर्फ गुरुद्वारों तक सीमित होकर रह गई है। सिखी के प्रसार व प्रचार के लिए एसजीपीसी कोई कदम नहीं उठा रही। जबकि हर धर्म अपने अपने प्रचार के लिए ठोस प्रयास कर रहा है। एसजीपीसी के प्रबंधकों का ध्यान सिर्फ गुरुद्वारों की गोलकों की तरफ है।