चंडीगढ़। फॉर्च्यून सोया रिफाइंड ऑयल के दो पाउच खरीदने पर ग्राहक से 44 रुपये अधिक वसूलने पर राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने मोर रिटेल्स प्राइवेट लिमिटेड और फॉर्च्यून फूड्स अदानी विल्मर लिमिटेड, अहमदाबाद पर 50 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। इसके साथ आयोग ने शिकायतकर्ता से ली गई 44 रुपये की अतिरिक्त राशि लौटाने और कानूनी खर्च के तौर पर 20 हजार रुपये अतिरिक्त अदा करने के निर्देश दिए हैं।
मामले में आरोपी पक्ष फॉर्च्यून फूड्स के कानूनी (लीगल) अधिकारी ने आरोप से इन्कार करते हुए तर्क दिया कि खाद्य तेल व्यवसाय में एमआरपी में उतार-चढ़ाव होता रहता है। अधिकारी ने कहा कि रिटेलर की ओर से तय किए जाने वाले चार्जिंग मैकेनिज्म पर कंपनी का कोई नियंत्रण नहीं है। शहर के रहने वाले एनएस जगदेवा ने पहले जिला आयोग का रुख किया था, लेकिन पैनल ने इस साल 3 जुलाई को एक आदेश में उनकी शिकायत को खारिज कर दिया। आदेश से संतुष्ट नहीं होने पर, उन्होंने इसे राज्य आयोग के समक्ष चुनौती दी थी। पैनल ने जिला फोरम के आदेश को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए आरोपी पक्ष को अनुचित व्यापार प्रथा अपनाने का दोषी ठहराया। आयोग ने कहा कि उत्तरदाताओं ने कीमतों में विसंगति का कोई कारण नहीं बताया। इस प्रकार पैनल ने पाया कि आरोपी पक्ष ने जगदेवा से अतिरिक्त राशि वसूल कर खुद को फायदा पहुंचाया था। एनएस जगदेवा ने जिला आयोग के समक्ष अपनी शिकायत में कहा कि पिछले साल 12 जुलाई को वह फॉर्च्यून सोया रिफाइंड तेल के दो पाउच सहित कुछ किराने का सामान खरीदने के लिए चंडीगढ़ के सेक्टर 37 में स्थित मोर रिटेल स्टोर पर गए थे। उनसे अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से 44 रुपये अधिक वसूले गए।