डॉक्टरों की टीम के साथ माछीवाडा का मरीज, जिसमें एक ब्रेन डेड मरीज का दिल प्रत्यारोपित किया गया।
चंडीगढ़। अंगदान करने वाला शख्स बेशक इस दुनिया से चला जाता है, लेकिन अपने पीछे कई जिंदगियां रोशन कर जाता है। रोपड़ निवासी 51 वर्षीय ब्रेन डेड डोनर सुखविंदर का दिल, किडनी और लिवर दान कर डोनर के परिवार ने तीन लोगों को नई जिंदगी दी है। मृत्यु के बाद इस अंगदाता का दिल माछीवाड़ा के 50 वर्षीय मरीज के सीने में धड़क रहा है। मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल में एडवांस हार्ट फेलियर से पीड़ित अनिल जसवाल (50) नामक रोगी पर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड-कार्डियक सर्जरी डॉ. टीएस महंत के नेतृत्व में कार्डियक सर्जरी टीम ने हृदय प्रत्यारोपण किया। टीम में डॉ. अंबुज चौधरी, डॉ. मनोरंजन साहू, डॉ. आलोक सूर्यवंशी और डॉ मो. लुकमान शामिल हैं। इन्हें कार्डियोलॉजी के हेड व डायरेक्टर और कैथलैब्स के डायरेक्टर डॉ. आरके जसवाल और कार्डियोलॉजी के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. अरुण कोचर के नेतृत्व वाली कार्डियोलॉजिस्टस की टीम का सहयोग रहा।
फोर्टिस हेल्थकेयर के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट आशीष भाटिया ने बताया कि रोपड़ निवासी डोनर को इंट्राक्रैनियल ब्लीडिंग और गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण 25 नवंबर को फोर्टिस अस्पताल मोहाली में भर्ती कराया गया था। परामर्श के बाद डोनर के परिवार ने अंगदान के लिए सहमति व्यक्त की। इसके बाद माछीवाड़ा के एक मरीज को हृदय प्रत्यारोपित किया गया। वहीं, 67 वर्षीय एक मरीज को भी किडनी प्रदान की गई। इसके अलावा अंगदाता के लिवर को ’ग्रीन कॉरिडोर’ के माध्यम से जयपुर के एक अस्पताल में भेजा गया। उन्होंने पंजाब सरकार, आरओटीटीओ (ROTTO) और एनओटीटीओ (NOTTO) साहित डोनर के परिवार की इस नेक कार्य के लिए सराहना की है, जिसने कई लोगों की जान बचाई है।