सोनीपत की रहने वाली युवती से गैंगरेप के बाद नृशंस हत्या करने के आरोपियों को सात दिन की रिमांड पूरी होने के बाद अदालत में पेश किया गया। आरोपियों को सोमवार को सीजेएम निशांत शर्मा की अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से पुलिस महज उनके मोबाइल फोन ही बरामद कर सकी है।
वहीं, पीड़िता के अधिवक्ता विकास इंदौरा ने पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की भयावहता के बावजूद इसे संजीदगी से नहीं ले रही है। मामले में अब तक किसी अन्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
रोहतक में मिला था शव
रोहतक स्थित पार्श्वनाथ सिटी में एक युवती का शव मिला था। उसके सिर व चेहरे पर ईंटों से हमला कर नृशंस हत्या की गई थी। उसकी शिनाख्त सोनीपत की रहने वाली 20 वर्षीय युवती के रूप में हुई थी। युवती दवा बनाने की कंपनी में काम करती थी और नौ मई को कंपनी में जाने के लिए घर से निकली थी। उसके बाद वह लापता हो गई थी। वारदात का खुलासा कीर्तिनगर के सुमित को सीआईए द्वारा तमंचे सहित पकड़े जाने पर हुआ था। उसने बताया था कि कबीरपुर निवासी विकास यादव के साथ मिलकर उसने युवती की हत्या कर दी है। इससे पहले उसने गैंगरेप करना भी कबूल किया था।
पुलिस ने मामले में अपहरण के बाद गैंगरेप, हत्या, नशीला पदार्थ पिलाने के साथ ही एससीएसटी एक्ट में मामला दर्ज किया था। सुमित के बाद उसके साथी को भी 11 मई को ही काबू किया था। दोनों आरोपियों को पहले दो दिन व बाद में सात दिन के रिमांड पर लिया गया था। सोमवार को पुलिस ने रिमांड अवधि पूरी होने पर दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच सीजेएम निशांत शर्मा की अदालत में पेश किया, जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।