जाट कॉलेज कुश्ती अखाड़े में पांच लोगों की गोलियां मारकर हत्या करने के आरोपी रेसलिंग कोच सुखविंदर को दिल्ली व रोहतक की संयुक्त टीम ने शनिवार को समयपुर बादली से गिरफ्तार कर लिया। दोपहर हरियाणा पुलिस ने आरोपी पर एक लाख का इनाम घोषित किया था। शाम को उसे पुलिस ने वारदात के 24 घंटे के अंदर ही दबोच लिया। एसपी राहुल शर्मा का कहना है कि जल्द रोहतक पुलिस आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी। फिलहाल एसआईटी दिल्ली में आरोपी से पूछताछ कर रही है।
इन पांच लोगों की गई थी हत्या
1. मनोज मलिक (39) निवासी गांव सरगथल जिला सोनीपत सहायक प्राध्यापक जाट कालेज और कुश्ती कोच
2. साक्षी मलिक (32) पत्नी मनोज मलिक निवासी गांव सरगथल जिला सोनीपत कुश्ती खिलाड़ी व रेलवे मे क्लर्क
3. पूजा (17) निवासी गांव सिरोहा जिला मथुरा (उत्तर प्रदेश) कुश्ती खिलाड़ी
4. प्रदीप मलिक (30) निवासी गांव मोखरा, रेलवे में सीटीआई एवं कुश्ती कोच
5. सतीश दलाल (28) निवासी गांव माडोठी जिला झज्जर हाल सांपला कुश्ती कोच
घायलों की स्थिति
1. अमरजीत (35) निवासी गांव निंदाना कुश्ती कोच, गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन है। उपचार के दौरान हालत नाजुक बनी हुई है।
2. सरताज (3) पुत्र मनोज मलिक निवासी गांव सरगथल जिला सोनीपत। सरताज रोहतक पीजीआईएमएस के निक्कू वार्ड में भर्ती है। वह कोमा में है, उसकी हालत बहुत नाजुक बनी हुई है। पुलिस के मुताबिक बच्चे का दिमाग सही से काम नहीं कर रहा है। बच्चे को गोली सिर से आंख के रास्ते बाहर आई है।
पत्नी से तलाक हो चुका है आरोपी का
पांच लोगों की हत्या के आरोपी 32 वर्षीय सुखविंदर गांव बरोदा जिला सोनीपत का रहने वाला है और एनआईएस कोर्स पास कुश्ती कोच बना। आरोपी की उत्तर प्रदेश निवासी तन्नु के साथ शादी हुई थी। पत्नी से तलाक हो चुका है। चार साल का बेटा है, जो दादा-दादी के पास रहता है।
पुलिस प्रारंभिक जांच में यह वजह आई सामने
जाट कॉलेज अखाड़े में आने वाली महिला खिलाड़ी पूजा के परिजनों ने कोच मनोज को सुखविंदर की शिकायत की थी। मृतक कोच मनोज के भाई प्रमोद के अनुसार करीब 5 दिन पहले महिला खिलाड़ी पूजा ने करीब 4-5 दिन पहले अपने परिवार को सुखविंदर की शिकायत की थी। शिकायत में बताया था कि सुखविंदर उसे परेशान कर रहा है और वह उस पर शादी का दबाव बना रहा है। परिवार ने यह शिकायत कोच मनोज मलिक से की। जिस शिकायत के बाद मनोज ने सुखविंदर कोच को अखाड़े में प्रशिक्षण के लिए आने से मना कर दिया था। इसी बात की रंजिश रखते हुए सुखविंदर ने उक्त वारदात को अंजाम दिया।