हरियाणा की भाजपा सरकार ने उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काइलाइट के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया है। मुख्यमंत्री ने लाइसेंस का रिन्यूअल नहीं करने की पुष्टि की है। सरकारी अधिकारी के मुताबिक कंपनियों का लाइसेंस एक वित्तीय वर्ष के लिए रिन्यू किया जाता है।
कंपनी के विवादों में घिरने पर हरियाणा के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने राबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काइलाइट के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करने (डीम्ड टु बी लैप्स) का निर्णय लिया। सूत्रों के अनुसार जबकि वाड्रा की कंपनी ने लाइसेंस की फीस दिसंबर 2018 तक जमा कराई थी। लेकिन, यह सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला है कि वह किस कंपनी का लाइसेंस रिन्यू करेगी, किसका नहीं।
रॉबर्ट वाड्रा वैसे भी वाड्रा-डीएलएफ लैंड डील को लेकर विवादों में हैं। पूर्व हुड्डा सरकार के समय उनकी भूमि का इंतकाल रद्द कर दिया गया। हाल ही में इस मामले में राठीवास निवासी सुरेंद्र शर्मा ने गुरुग्राम के खेड़की दौला थाने में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व राबर्ट वाड्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें लैंड डील में लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की मुनाफाखोरी का आरोप लगाया गया है।