मोरनी। मोरनी क्षेत्र की अधिकतर पंचायत और आसपास की कई पंचायतें इस समय भारी बारिश की मार झेल रही हैं। मुख्य सड़क से गांवों को जोड़ने वाले कच्चे रास्ते खराब हो चुके हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कई जगह पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। पहाड़ों से आए मलबे और कीचड़ ने रास्तों को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में इस तरह की समस्या हर साल आती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए ठोस योजना कभी नहीं बनाई जाती। प्रशासन अगर प्राथमिकता के आधार पर इन रास्तों को जल्द से जल्द बहाल करता है तो इससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी और किसी भी आपात स्थिति में समय पर मदद पहुंच सकेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के चलते कई गांवों का मुख्य सड़क से संपर्क कट गया है। इससे न केवल रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित हुई हैं, बल्कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस या राहत वाहन का पहुंचना भी नामुमकिन हो गया है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि ऐसे में अगर किसी प्रकार की अप्रिय घटना या चिकित्सा आपात स्थिति आती है तो उससे कैसे निपटा जाएगा।
पंचायतों के पास मरम्मत के लिए कोई विशेष फंड नहीं
इलाके में एक गांव से दूसरे गांव या फिर गांव से मुख्य सड़क तक जाने वाले ज्यादातर रास्ते कच्चे हैं। इस बार हुई लगातार बारिश से ये रास्ते जगह-जगह से टूट-फूट गए हैं। पंचायतों के पास मरम्मत के लिए कोई विशेष फंड उपलब्ध नहीं है, इसलिए प्रशासन को तुरंत मौके पर आकर इन रास्तों को साफ और दुरुस्त करवाना चाहिए, जिससे ग्रामीणों को राहत मिल सके।- पंचपाल शर्मा, पंचायत संगठन प्रधान
पहाड़ी मलबे से बंद पड़े रास्तों को तुरंत खोला जाए
प्रशासन से मांग की कि पहाड़ी मलबे से बंद पड़े रास्तों को तुरंत खोला जाए। इलाके की 26 पंचायतों में से करीब दो-तिहाई पंचायतों में रास्तों पर मलबा जमा है। इससे न केवल लोगों के आवागमन में मुश्किल आ रही है, बल्कि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।- मनोज कुमार, पंचायत संगठन के सदस्य सचिव