अगले सत्र से चंडीगढ़ के सभी स्कूलों में तीसरी से 10वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के सिलेबस में रोड सेफ्टी विषय भी शामिल होगा। हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) ने किताबें तैयार की हैं, जो प्राइमरी, मिडल और हाई स्कूल में लागू की जाएगी। वीरवार को यूटी सचिवालय में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने यूटी प्रशासन के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में किताबों का विमोचन किया।
अराइव सेफ संस्था के हरमन सिद्धू की ओर से तैयार रोड सेफ्टी मैनुअल बुक को भी प्रशासक ने लांच किया। करीब एक साल की रिसर्च के बाद तैयार रोड सेफ्टी मैन्युअल बुक में ट्रैफिक नियमों की जानकारी के साथ हाइवे पर गाड़ी चलाते वक्त कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए, इसकी भी जानकारी दी गई है। 200 पन्नों की किताब को चंडीगढ़ के पैटर्न पर डिजाइन किया गया है। इसे हर नए लाइसेंस बनवाने वाले और लाइसेंस रिन्यू करवाने वाले व्यक्ति को खरीदना आवश्यक होगा।
रोड सेफ्टी मैन्युअल बुक को सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में भी भेजा जाएगा ताकि विद्यार्थियों को इसके बारे में जानकारी दी जा सके। किताबका मकसद स्कूली लेवल से ही बच्चों को ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ाना है ताकि वह बचपन से ही ट्रैफिक नियमों को लेकर गंभीर रहें। प्राइमरी कक्षा के बच्चों को बुक में मौजूद ग्राफिक्स और चित्रों की मदद से पढ़ाया जाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे आने वाले पीढ़ी ट्रैफिक नियमों को लेकर ज्यादा सतर्क रहेगी और हादसों में भी कमी आएगी।
इस मौके पर एडवाइजर मनोज परिदा, होम सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता, फाइनेंस सेक्रेटरी अजॉय कुमार सिन्हा, डीसी मनदीप सिंह बराड़, ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी अजय कुमार सिंगला, डीजीपी संजय बेनीवाल, ट्रैफिक एसएसपी शशांक आनंद व अन्य उपस्थित रहे।