अकसर सुर्खियों में रहने वाले मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ‘सिद्धू सड़क’ का नाम सुनकर अचंभित हो गए। कहने लगे मैं तो जिंदा हूं फिर मेरे नाम से यह सड़क किसने बनवा दी। उन्हें पता चला कि यह वही सड़क है जिसे उन्होंने अपने निजी फंड से बनवाया था।
जब वो भाजपा पार्टी से सांसद थे तब वे उसके लिए ग्रांट भी लेकर आए थे, लेकिन तब केंद्र में सरकार कांग्रेस की थी। खैर सिद्धू ने कहा है कि इलाके के विधायक ओमप्रकाश सोनी के विचार विमर्श के बाद यह सड़क खोल दी जाएगी। सिद्धू सड़क खुलवाने के लिए पिछले कई साल से रैली, रोष प्रदर्शन करते रहे।
इस्लामाबाद ब्लाक कांग्रेस के मंडल अध्यक्ष व पूर्व पार्षद प्रमोद बबला कहते हैं कि इस सड़क के शुरू होने से आधे शहर की आबादी को राहत मिलेगी। 22 मुहल्ले में रहने वाले करीब दो लाख लोगों को रेलवे स्टेशन की दूरी तीन किलोमीटर कम हो जाएगी।
स्वर्ण मंदिर में माथा टेककर अटारी बार्डर जाने वाले पर्यटकों को जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। इलाके के लोगों को चार लाल बत्ती चौक व तीन रेलवे फाटक से गुजर कर रेलवे स्टेशन, बस अड्डा जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।