फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यातायात के पहरेदार सुरक्षित नहीं: जनवरी 2021 से अब तक हुए 62 सड़क हादसे... चार साल में 58 घायल, पांच की माैत

Tue, 18 Mar 2025 03:06 PM IST
निवेदिता वर्मा संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ में ज्यादातर हादसे नाकों पर और चालान से बचने के लिए हो रहे हैं। पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि सड़कों पर ड्यूटी करते समय रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनें। खासकर रात के समय नाकों पर ब्लिंकर का इस्तेमाल करें।
विज्ञापन
चंडीगढ़ में हादसा - फोटो : अमर उजाला/फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चंडीगढ़ की सड़कों पर ड्यूटी कर रहे पुलिस के मुलाजिम भी सुरक्षित नहीं हैं। जनवरी 2021 से अब तक चार सालों में 62 सड़क हादसों में पांच पुलिसकर्मियों की मौत हो गई जबकि 58 घायल हो गए। इस साल भी अब तक दो हादसे हो चुके हैं। 

विज्ञापन


14 मार्च को जीरकपुर-चंडीगढ़ बॉर्डर पर सिपाही सुखदर्शन और होमगार्ड राजेश की मौत हो गई थी। एक महीने पहले सेक्टर-39 थाने में एक मामला दर्ज हुआ था, जिसमें कार चालक ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी को टक्कर मार दी थी। वह लाइट पॉइंट पर कार चालक को रुकने का इशारा कर रहा था। हादसे में पुलिसकर्मी के हाथ में फ्रैक्चर आया था।

क्या कहते हैं आंकड़े

2021 में 16 थानों में 18 दुर्घटनाओं के मामले दर्ज किए गए। इनमें पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सड़कों पर घायल हुए। 2022 में भी इतनी ही दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। हालांकि 2023 में ऐसे मामलों में कमी आई और शहर में केवल 11 मामले दर्ज किए गए। साल 2024 में शहर में पुलिसकर्मियों के घायल होने वाले दुर्घटनाओं के 13 मामले दर्ज किए गए थे।

सब इंस्पेक्टर ने तोड़ा दम

बुड़ैल पुलिस चौकी में तैनात सब इंस्पेक्टर विजय कुमार की हादसे में मौत 22 दिसंबर 2024 को हुई। सेक्टर- 45 में बाइक पर एक अन्य पुलिसकर्मी के साथ गश्त कर रहे थे। हादसा उस समय हुआ जब एक एसयूवी के चालक ने पुलिसकर्मी की बाइक के सामने अचानक कार का दरवाजा खोल दिया और बाइक सवार पुलिसकर्मी कार से टकरा गए। दोनों पुलिसकर्मी घायल हो गए और बाद में एसआई विजय कुमार ने दम तोड़ दिया।

कार चालक ने मारी टक्कर, एएसआई की हुई थी मौत

तीन मई 2021 में एएसआई की हिट एंड रन में मौत हो गई थी। एएसआई रमेश चंद सेक्टर- 19 थाने में तैनात थे। वह सेक्टर 20 सी-डी मोड़ के पास एक नाके पर तैनात थे, तभी कार चालक उन्हें टक्कर मारकर भाग गया। 21 दिनों तक संघर्ष करने के बाद उन्होंने पीजीआई में दम तोड़ दिया।
विज्ञापन

महिला सिपाही और एमवीआई भी गंवा चुके जान

  • एक हादसे में 31 वर्षीय महिला कांस्टेबल को कार ने टक्कर मार दी और एक सप्ताह बाद 15 अप्रैल 2023 को उनकी मौत हो गई। वह बच्चों के साथ सड़क पार कर रही थी, तभी मनीमाजरा में तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी।
  • 29 सितंबर 2024 को सेक्टर-26 स्थित ट्रांसपोर्ट एरिया में वाहनों का निरीक्षण कर रहे एमवीआई रविंद्र सिंह ई-रिक्शा की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में पीजीआई में उनकी मौत हो गई।

नाकों और चालान से बचने के लिए हो रहे ज्यादा हादसे

जानकारी के अनुसार ज्यादातर हादसे नाकों पर और चालान से बचने के लिए हो रहे हैं। पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि सड़कों पर ड्यूटी करते समय रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनें। खासकर रात के समय नाकों पर ब्लिंकर का इस्तेमाल करें। हाल ही में ट्रैफिक पुलिस विंग ने पुलिसकर्मियों के साथ किसी भी तरह की अनहोनी न हो, इससे बचने के लिए 100 शोल्डर लाइट ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को दी है।

कब और कहां हुए हादसे

  • 3 दिसंबर 2024 को हेड कांस्टेबल को कार चालक ने टक्कर मार दी। वह बुड़ैल जेल के पीछे नाका ड्यूटी पर थे।
  • 22 अक्तूबर 2024 को सेक्टर 14-15 की डिवाइडिंग रोड पर बाइक सवार ने हेड कांस्टेबल और एक अन्य व्यक्ति को टक्कर मार दी जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
  • 10 सितंबर 2024 को सेक्टर-29 में पुलिस नाके पर ट्रैफिक पुलिस के एक एएसआई को टक्कर मारकर घायल करने के बाद बुलेट मोटरसाइकिल सवार भाग गया।
  • 2 सितंबर 2024 को मर्सिडीज कार चालक ने सेक्टर- 51 में कांस्टेबल को कार के बोनट पर घसीटा और उसे घायल करने के बाद भाग गया। -26 जुलाई 2024 को सेक्टर 39 थाने में तैनात होमगार्ड रमन कुमार को सेक्टर 25/38 में नाके पर तैनात होने के दौरान एक एसयूवी चालक ने टक्कर मार दी।
  • 10 जुलाई 2024 को एक जीप चालक ने ट्रैफिक पुलिस के एक एएसआई को टक्कर मारी। एएसआई चालक को सेक्टर 41/54 की डिवाइडिंग रोड पर ट्रैफिक उल्लंघन के लिए रोकने की कोशिश कर रहा था।
  • 3 जुलाई 2024 को एएसआई परमजीत सिंह को सेक्टर 35/36 के एक छोटे चौक पर कार ने टक्कर मार दी और घायल हो गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें