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मदर्स डे पर मां को गिफ्ट, दो बेटियों को रियो ओलंपिक का टिकट

Mon, 09 May 2016 11:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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भारतीय पहलवान विनेश फोगट - फोटो : अमर उजाला
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रियो ओलंपिक का टिकट लेकर दो भारतीय महिला पहलवानों ने मदर्स डे पर स्पेशल गिफ्ट दिया तो उनकी मां फूली न समाई। रोहतक की साक्षी और भिवानी की महिला पहलवान विनेश फौगाट ने रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर इतिहास रच दिया है। हरियाणा ही नहीं पूरे देश में पहली बार दो महिला खिलाड़ी ओलंपिक के लिए क्वालीफाई हुईं हैं।
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इस्तांबुल जाने से पहले साक्षी और विनेश ने अपने घर वादा करके निकली थीं कि इस बार मौका बेकार नहीं जाने देंगे और ओलंपिक का टिकट लेकर ही घर लौटेंगी। अपने-अपने सेमीफाइनल में जीत दर्ज करने के साथ ही दोनों पहलवानों ने अपने परिजनों से किया वादा पूरा कर दिया। पहले ओलंपिक क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट में साक्षी मलिक को हारने के बाद मायूसी मिली तो दूसरे में उनको मौका नहीं मिला।

विनेश फौगाट के लिए भी पहले दो ओलंपिक क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट अच्छे नहीं रहे। पहले में उन्हें खेलकर मायूसी मिली तो दूसरे में वजन 400 ग्राम ज्यादा होने पर डिसक्वालीफाई कर दिया गया। इस कारण जहां दोनों पहलवान मायूस थीं, वहीं उनके परिवार वाले भी निराश हो गए थे। लेकिन टर्की के इस्तांबुल में आखिरी वर्ल्ड क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट में दोनों पहलवानों को जाने का मौका मिला।
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कोच बोले, साक्षी से ओलंपिक में मेडल की उम्मीद

भारतीय पहलवान साक्षी मलिक - फोटो : अमर उजाला
साक्षी ने सेमीफाइनल में चाइना की पहलवान लेन झांग को हराकर रियो का टिकट कटाया, तो विनेश ने टर्की की इविन डेमिरहन को करारी शिकस्त दी। इससे पहले लंदन में साल 2012  में हुए ओलंपिक में विनेश की बहन गीता फौगाट खेली थीं।

रोहतक के मोखरा गांव की रहने वाली साक्षी मलिक को रियो का टिकट मिलने पर उन्हें कुश्ती का गुर सिखाने वाले कोच ईश्वर सिंह दहिया कहते हैं कि साक्षी से ओलंपिक में मेडल की पूरी उम्मीद की जा सकती है। वहीं, भिवानी के बलाली गांव की रहने वाली विनेश फौगाट के ताऊ व कोच महावीर भी कहते हैं कि विनेश ओलंपिक में मेडल जीतकर देश व हरियाणा का नाम रोशन करेगी।

आधा सपना पूरा, अब पदक लाने की उम्मीद
साक्षी मलिक को रियो ओलंपिक का टिकट मिलने पर परिवार वालों की खुशी का ठिकाना नहीं है। क्योंकि उनका भी सपना था कि बेटी ओलंपिक में खेले और देश के लिए मेडल जीते। साक्षी के पिता सुखबीर सिंह और मां सुदेश कहती हैं कि बेटी ने ओलंपिक में जगह बनाकर आधा सपना पूरा कर दिया है और वहां मेडल जीतकर सपना पूरा हो जाएगा। साक्षी के माता-पिता कहते है कि उनको अपनी बेटी पर ओलंपिक में पदक जीतने का पूरा भरोसा है।
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