हरियाणा में प्रशासनिक अधिकारियों को लाइसेंस सेवाएं अब समयबद्ध तरीके से प्रदान करनी होंगी। मनमर्जी से लाइसेंस नहीं बना सकेंगे। हरियाणा सरकार ने सेवा का अधिकार अधिनियम-2014 के तहत परिवहन विभाग की नागरिकों से जुड़ी 37 सेवाओं की समय सीमा तय कर दी है।
मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि उपमंडल अधिकारी (नागरिक) सह पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्राधिकारी गैर परिवहन वाहनों का लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस 7 दिन में बनाएंगे। जिला परिवहन अधिकारी सह पंजीकरण एंड लाइसेंसिंग प्राधिकरण को भी परिवहन वाहनों का लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस 7 दिन में ही बनाना होगा।
एसडीएम वाहनों का स्थायी, डुप्लीकेट लाइसेंस, नवीनीकरण और नई श्रेणी को जोड़ने का काम 10 दिन में करेंगे। देखने में आया है कि पहले से निर्धारित सीमा में लाइसेंस से जुड़े कार्य नहीं किए जा रहे। अब देरी हुई तो जुर्माना लगेगा।
डीलर के माध्यम से गैर परिवहन वाहन का रजिस्ट्रेशन 10 दिन, डुप्लीकेट वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट 7 दिन में देना होगा। राज्य के बाहर से खरीदे गए गैर परिवहन वाहन का पंजीकरण 15 दिन में करना पड़ेगा।
राज्य से बाहर जाने वाले वाहनों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), राज्य के भीतर खरीदे पुराने वाहनों के मालिकाना हक का हस्तांतरण, हाइपोथेकेशन को जोड़ना, जारी रखना, समाप्त करना, पता परिवर्तन पंजीकरण प्रमाण पत्र, राज्य के बाहर से खरीदे गैर परिवहन वाहन के स्वामित्व का हस्तांतरण 7 दिन में जरूरी होगा। वाहन परिवर्तन, वाहन का रूपांतरण (परिवहन से गैर परिवहन) ड्राइविंग लाइसेंस में पता परिवर्तन के लिए 10 दिन की समय सीमा रहेगी।
परिवहन वाहनों को राज्य, राष्ट्रीय परमिट 5 दिन में देने होंगे
जिला परिवहन अधिकारी सह पंजीकरण एंड लाइसेंसिंग प्राधिकरण को पता परिवर्तन पंजीकरण प्रमाण पत्र, राज्य के बाहर से खरीदे परिवहन वाहन के स्वामित्व का हस्तांतरण फिटनेस प्रमाण पत्र 7 दिन, परमिट (हरियाणा) और परमिट (राष्ट्रीय) 5 दिन में जारी करने होंगे। स्थायी, डुप्लीकेट लाइसेंस, लाइसेंस का नवीनीकरण, नई श्रेणी को जोड़ने का काम 10 दिन में करेंगे। राज्य के बाहर से खरीदे गए परिवहन वाहन का पंजीकरण 15 दिन में ही करना होगा।