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रेवाड़ी गैंगरेपः 11 दिन बाद गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी पंकज और मनीष, भिखारी बनकर घूम रहे थे

Sun, 23 Sep 2018 04:57 PM IST
मनीष, अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा)
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रेवाड़ी गैंगरेप
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बहुचर्चित रेवाड़ी गैंगरेप केस में एसआईटी के हाथ बड़ी सफलता लगी है। नीशू के अलावा दो मुख्य आरोपियों पंकज और मनीष को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच के लिए गठित की गई एसआईटी की इंचार्ज एपी नाजनीन भसीन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मीडिया को गिरफ्तारी की पूरी जानकारी दी।
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एसपी ने बताया कि महेंद्रगढ़ के सतनाली से दोनों को पकड़ा गया है। पंकज सेना का जवान है, जो पीड़ित छात्रा को पहले से जानता था। पुलिस की अब तक की जांच के मुताबिक, मनीष गैंगरेप में उनके साथ रहा, वहीं वारदात को अंजाम देने की पूरी साजिश नीशू ने रची, जो पीड़िता का पड़ोसी है। उसे 16 सितंबर को पकड़ लिया गया था।

एसपी ने बताया कि दोनों आरोपी महेंद्रगढ़ में मनीष की बहन के यहां रुके हुए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद वे पहले राजस्थान गए थे और फिर सतनाली व महेंद्रगढ़ इलाके में रह रहे थे। दोनों हरियाणा और राजस्थान के इलाकों में भिखारी और किसान बनकर घूम रहे थे।
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एसपी ने कहा कि केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिल सके। इसके लिए एसआईटी की तरफ से अनुशंसा की जाएगी।

 
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एक आरोपी नीशू पुलिस की हिरासत में है

रेवाड़ी गैंगरेप
लड़की से गैंगरेप मामले में एक आरोपी नीशू को पुलिस ने 16 सितंबर को ही दबोच लिया था। वह इन दिनों पुलिस रिमांड में है। इसके अलावा उस कोठड़े के मालिक दीनदयाल को भी गिरफ्तार किया गया, जहां वारदात अंजाम दी गई थी। उस डॉक्टर संजीव को भी पकड़ा गया है, जिसने आरोपियों के बुलाने पर पीड़िता का इलाज किया था।

दीनदयाल और संजीव 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं। दोनों को नारनौल की नसीबपुर जेल में रखा जाएगा। दोनों को आपराधिक साजिश रचने और अपराध को छुपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, गैंगरेप की साजिश आरोपी नीशू ने ही रची थी, उसी ने दीनदयाल से कोठड़े की चाबी ली थी।

नीशू की निशानदेही पर पुलिस उसके घर से मोबाइल फोन बरामद कर चुकी है। फरार होने से पहले नीशु ने अपना मोबाइल घर ही छोड़ दिया था। रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में जब मोबाइल की जानकारी मिली तो पुलिस उसे लेकर उसके गाव पहुंची और मोबाइल कब्जे में ले लिया। इससे पहले पुलिस नीशु को वारदात स्थल पर भी ले गई थी।
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