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Chandigarh News: सीईटी-2022 का संशोधित परिणाम जारी, 20 हजार पद भरने का रास्ता साफ, नए सिरे से विज्ञापित होंगे पद

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पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले के आधार पर एचएसएससी ने बिना अतिरिक्त अंक जोड़े जारी किया परिणाम
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दोबारा से पदों के लिए मांगे जाएंगे आवेदन, नए सिरे से परीक्षाएं कराने की तैयारी
23 हजार नौकरी कर रहे युवाओं को परीक्षा से छूट दिलाने के लिए पुर्नविचार याचिका डालने की तैयारी


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के 31 मई के आदेश के अनुपालन में संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) 2022 फेज-1 के ग्रुप सी का संशोधित परिणाम जारी कर दिया है। आयोग की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि केवल सीईटी में हासिल किए गए अंकों के आधार पर परिणाम जारी किया गया है। इसमें आर्थिक-सामाजिक आधार के अंक नहीं जोड़े गए हैं।
संशोधित परिणाम जारी करके आयोग ने ग्रुप सी के 20 हजार पदों को भरने का रास्ता साफ कर दिया है। अब आयोग हाई कोर्ट के आदेश पर नए सिरे से पद विज्ञापित कर आवेदन मांगने की तैयारी में है। जिन श्रेणियों के परिणाम जारी नहीं हो पाए हैं, उन कैटेगरी में दोबारा परीक्षा ली जाएगी। इसके लिए आयोग इसी सप्ताह नए सिरे से इन पदों को विज्ञापित कर आवेदन मांगेगा। सीईटी की नई मेरिट सूची के आधार पर ही पदों के चार गुना अभ्यर्थियों को दूसरी परीक्षा के बुलाया जाएगा। मंगलवार रात आयोग ने अपनी वेबसाइट पर संशोधित परिणाम अपलोड कर दिया। अभ्यर्थी अपने पंजीकरण नंबर, ई मेल एड्रेस और मोबाइल नंबर के आधार पर अपना सीईटी स्कोर कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
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ग्रुप सी की सीईटी परीक्षा 5 व 6 नवंबर 2022 को हुई थी। इससे पहले आयोग ने अभ्यर्थियों को आर्थिक-सामाजिक आधार के अंक जोड़कर सीईटी स्कोर कार्ड जारी किया था। इसमें कुल 7,73,572 उम्मीदवार शामिल हुए थे और 3,57,930 उम्मीदवार पास हुए। सीईटी में शर्त थी कि आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को 40 प्रतिशत और सामान्य श्रेणी के लिए 50 प्रतिशत अंक लेना अनिवार्य था। निर्धारित अंक लेने वाले अभ्यर्थियों को ही आर्थिक-सामाजिक आधार के अतिरिक्त अंक मिलते थे, न कि परीक्षा पास करने के लिए। 31 मई को हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार ने आर्थिक-सामाजिक अंकों को अवैध करार दिया था। साथ ही नए सिरे से परिणाम जारी करने और मेरिट सूची जारी करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना में ही आयोग ने परिणाम संशोधित किया है। वहीं, आयोग के इस फैसले से साफ हो गया कि टीजीटी के 7471 पदों पर भी बिना आर्थिक-सामाजिक आधार अंकों के ही परिणाम जारी किया जाएगा।

संशोधित परिणाम में कम हो गए अंक, 15 हजार होंगे प्रभावित
संशोधित परिणाम जारी होने पर मेरिट सूची में अधिक असर नहीं पड़ा है। क्योंकि परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को जो पहले अतिरिक्त अंक मिले थे, अब उनको हटा लिया गया है। ऐसे में अधिकतर अभ्यर्थियों का मेरिट सूची में स्थान वही है, केवल उनके अंक कम हो गए हैं। हालांकि, आयोग इसकी विस्तृत समीक्षा कर रहा है। आर्थिक-सामाजिक अंक नहीं मिलने से ग्रुप सी की भर्ती के करीब 15 हजार अभ्यर्थी प्रभावित होंगे।


24 ग्रुप का जारी हो चुका परिणाम, शेष का अटका
आयोग ने ग्रुप सी के 32 हजार पदों के लिए 401 तरह के पदों को लेकर आवेदन मांगे थे। इसके लिए आयोग की ओर से एक जैसे पदों को देखते हुए 63 ग्रुप बनाए गए थे। इनमें से 24 ग्रुप की परीक्षाओं का परिणाम जारी हो चुका है और ग्रुप सी व डी के कुल 23 हजार कर्मचारी नौकरी भी ज्वाइन कर चुके हैं। अब ग्रुप सी के करीब 20 हजार पद खाली हैं। इनमें ग्रुप 56 व 57, ग्रुप 1 व 2 को लेकर विवाद चल रहा है और मामले हाई कोर्ट में लंबित हैं। इसलिए आयोग की मंशा है कि शेष 20 हजार पदों को लेकर नए सिरे से पदों को विज्ञापित किया जाए और आवेदन मांगे जाएं। फिर पदों के मुकाबले चार गुना अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा और परीक्षा में अंकों के आधार पर बनी मेरिट सूची पर ही अभ्यर्थियों के परिणाम जारी किए जाएंगे और उनको ही नौकरी मिलेगी।
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इसी सप्ताह पुर्नविचार याचिका दायर करेगा आयोग
आयोग हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ इसी सप्ताह पुर्नविचार याचिका दायर करेगा। आयोग ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। आयोग का कहना है कि जो कर्मचारी चयनित हो चुके हैं, उन्हें बिना आर्थिक-सामाजिक अंकों के मेरिट के आधार पर नौकरी ज्वाइन कराई गई है। इसलिए उनको परीक्षा से छूट देने की मांग आयोग करेगा। हालांकि, हाई कोर्ट ने नौकरी कर रहे युवाओं की परीक्षा लेने के लिए आयोग को छह माह का समय दिया है।
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नए सिरे से जारी होगी ग्रुप डी के शेष पदों का परिणाम

ग्रुप-डी के 13,657 पदों के लिए 13 लाख 50 हजार युवाओं ने पंजीकरण करवाया था। इनमें से 9 लाख 50 हजार अभ्यर्थियों ने सीईटी की परीक्षा दी थी। इनमें से 4 लाख 20 हजार अभ्यर्थी क्वालीफाई हुए थे। इनमें से 11 हजार से अधिक युवाओं ने ज्वाइन कर लिया है, जबकि 2657 अभ्यर्थी, ऐसे थे, जिन्हें सामाजिक-आर्थिक आधार के अंक मिले थे, उनका रिजल्ट रोक लिया गया था। अब आयोग बिना अतिरिक्त अंक दिए नए सिरे से इन पदों का परिणाम जारी करेगा।
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हाई कोर्ट के आदेशानुसार परिणाम संशोधित किया है। जल्द पुर्नविचार याचिका दायर की जाएगी और हमारी कोशिश होगी कि भर्ती को जल्दी पूरा किया जाए।
हिम्मत सिंह, अध्यक्ष, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग अध्यक्ष
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