रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों ने प्रशासन से कहा है कि चंडीगढ़ पर स्मार्ट सिटी का टैग तो लग गया अब उनको काम भी शुरू करना चाहिए। उन्होंने स्मार्ट सिटी के तहत चयनित चार माडल सेक्टरों में विकास कार्य शुरू करवाने की मांग की है।
सेक्टर-35 के सामुदायिक केंद्र में रविवार को फासवेक की बैठक में यह मांग उठी। बैठक की अध्यक्षता फासवेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने की। बैठक में रेजिडेंट्स ने यह भी निर्णय लिया कि अब उन्हें आक्रमक होना पड़ेगा तभी काम होंगे। रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत 24 घंटे पानी और बिजली की बात की जा रही है लेकिन इस समय शहर की ऊपरी मंजिलों में पानी नहीं पहुंच रहा है। तेज हवा चलने पर बिजली चली जाती है। बैठक में अकाली पार्षद हरजिंद कौर ने भी भाग लिया।
ट्रिब्यून चौक ही नहीं पूरे शहर में लग रहा है जाम
फासवेक के वाइस चेयरमैन हितेश पुरी ने कहा कि सिर्फ ट्रिब्यून चौक पर ही जाम नहीं लग रहा है बल्कि पूरे शहर की स्थिति जाम के मामले में भयंकर हो चुकी है ऐसे में सिर्फ ट्रिब्यून चौक पर अंडरपास या ओवरब्रिज बनाने का फायदा नहीं मिलेगा। पिकाडली और किसान चौक पर भी प्रतिदिन लंबे लंबे जाम लगते है। बैठक में लोगों ने सांसद किरण खेर द्वारा डीजल आटो पर पाबंदी लगाने के मामले की प्रंशसा की। फासवेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टूू ने कहा कि डीजल आटो के कारण शहर में प्रदूषण तो बढ़ ही रहा है, जाम में भी आटो का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत सर्वे जल्द शुरू होना चाहिए। इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप भी नहीं होना चाहिए।
प्रशासन पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू करने का बनाया जाएगा दबाव
बैठक में इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू न होने पर चिंता जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि जनता के 1400 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद इंटरनेशनल उड़ान शुरू नहीं किया गया। इसके लिए प्रशासन पर दबाव बनाया जाएगा। बाजारों और पार्कों के पब्लिक टायलेट जल्द से जल्द खोलने की मांग की गई
बाहर से डीएसपी लाने किए जाएं बंद
फासवेक के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि दूसरे राज्यों से डीएसपी लाने पर पाबंदी लगनी चाहिए। शहर के इंस्पेक्टरों को प्रमोट करके डीएसपी बनाया जाना चाहिए।
बोर्ड ने फिर से वायलेशन के नोटिस भेजने किए शुरू
चंडीगढ़। एक साल से हाउसिंग बोर्ड की ओर से लोगों को किसी भी तरह के वायलेशन के नोटिस नहीं भेजे जा रहे थे, लेकिन अब फिर से सीएचबी की ओर से नोटिस भेजने शुरू कर दिए गए हैं जिस कारण लोगों की चिंता बढ़ गई है। सीएचबी की ओर से सेक्टर-41 डी में एक दर्जन लोगों को नोटिस भेजकर एक माह के भीतर कोर्ट यार्ड में निर्मित कमरों को तोड़ने का निर्देश दिया है। जबकि सेक्टर-45 सहित अन्य सेक्टरों में भी नोटिस भेजे जा रहे हैं। फासवेक की बैठक में निर्णय लिया गया है कि जल्द ही सीएचबी के चेयरमैन को मिला जाएगा।