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Chandigarh News: सेक्टर-39 की मंडी में एक एससीओ का आरक्षित मूल्य 3.7 करोड़

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चंडीगढ़। सेक्टर-26 में लगने वाली मंडी का पता अब बदलने वाला है। प्रशासन ने सेक्टर-39 की मंडी में शॉप-कम-ऑफिस (एससीओ) के आरक्षित मूल्य तय कर दिए हैं और मार्च में नीलामी करने की योजना है। सेक्टर-39 की मंडी में फ्री होल्ड पर 92 एससीओ होंगे। एक एससीओ का आरक्षित मूल्य करीब 3.7 करोड़ रुपये होगा।यूटी प्रशासन ने फल व सब्जी मंडी को सेक्टर-39 में शिफ्ट करने की मंजूरी पिछले साल दिसंबर माह में दी थी जिसके चलते मंडी में साइटों की नीलामी करने की प्रक्रिया शुरु होने वाली है। प्रत्येक एससीओ का क्षेत्रफल 120 वर्ग गज है। नीलामी में मंडी के मौजूदा लाइसेंस धारकों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासन इन साइटों की नीलामी मार्च माह के अंतिम सप्ताह में करने की तैयारी में है।
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बता दें कि ग्रेन, फल व सब्जी मंडी को सेक्टर-39 में शिफ्ट करने का मामला वर्ष 2002 से लंबित पड़ा था। दूसरी ग्रेन, फल और सब्जी मंडी के लिए 75 एकड़ जमीन चिह्नित की गई थी। स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में चंडीगढ़ एस्टेट नियम 2007 के नियमों और शर्तों के अनुसार फल और सब्जी मंडी के लिए एससीओ की 92 साइटों को खुली नीलामी के लिए रखा जाएगा। चंडीगढ़ स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड की तरफ से यह नीलामी की जाएगी।

ऐसे तय किया आरक्षित मूल्य
आरक्षित मूल्य की गणना सेक्टर-38 में एससीओ के वर्तमान कलेक्टर रेट के आधार पर की गई है। प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि पांच प्लॉटस में कुछ पेड़ हैं, जिन्हें हटाने के लिए हॉर्टिकल्चर विभाग को कहा गया है। बता दें कि सेक्टर-26 में करीब 170 लाइसेंस धारकों में से 30 अनाज और बाकी फल और सब्जियों का काम करते हैं।
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सेक्टर-26 में चल रही मंडी की हालत खस्ता
वर्तमान में मंडी सेक्टर-26 में चल रही है। इनकी हालत काफी खस्ता है। जगह की कमी है, सड़कें टूटी हैं और पार्किंग की व्यवस्था भी नहीं है। हर तरफ गंदगी के ढेर हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। सितंबर 2015 में सेक्टर-39 में नई मंडी का शिलान्यास किया गया था और मंडी को शुरू करने के लिए फरवरी 2016 का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन आज तक मंडी शिफ्ट नहीं हो पाई। बता दें कि सेक्टर-39 स्थित नई सब्जी मंडी के निर्माण कार्य को लेकर साल 2017 में हाई कोर्ट ने यूटी प्रशासन को फटकार भी लगाई थी।
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