आरटीआई के तहत प्रशासन के वित्त विभाग, पुलिस और स्वास्थ विभाग द्वारा फंड की जानकारी न देने पर मुख्य सूचना आयुक्त दीपक संधू ने फटकार लगाई गई है।
मुख्य सूचना आयुक्त ने वित्त विभाग, पुलिस और स्वास्थ विभाग को तीन हफ्ते में सूचना मांगने वाले चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबल को जवाब देने के आदेश दिए हैं।
उन्होंने स्वास्थ विभाग के सीपीआईओ (डीलिंग हेड) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने लिए भी कहा है। मुख्य सूचना आयुक्त ने वित्त विभाग को कहा है कि सीपीआईओ को नियुक्त कर तीन हफ्ते में जानकारी दी जाएं।
चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबल जगजीत सिंह ने 5 दिसंबर 2012 को प्रशासन के वित्त विभाग से चंडीगढ़ पुलिस, स्वास्थ विभाग और फोरेस्ट विभाग को 1990 से अब तक जारी किए गए फंड की जानकारी मांगी थी।
एक महीने में उसे वित्त विभाग की तरफ से फंडों की कोई जानकारी नहीं मिली। उन्होंने 21 जनवरी 2013 को वित्त विभाग के सेक्रेटरी अजोय शर्मा के पास अपील की। अपील के बाद वित्त विभाग ने फंड की जानकारी देने के लिए चंडीगढ़, स्वास्थ्य और फॉरेस्ट विभाग को लेटर भेज दिए।
फोरेस्ट विभाग ने जगजीत को जवाब दिया कि प्रशासन के वित्त विभाग से उनको किसी प्रकार की ग्रांट नहीं मिलती है। चंडीगढ़ पुलिस विभाग ने आधी-अधूरी जानकारी भेज दी।
स्वास्थ विभाग ने कोई जवाब ही नहीं दिया। इस पर जगजीत ने मुख्य सूचना आयुक्त, सेंट्रल सूचना कमीशन दिल्ली को अपील की। मुख्य सूचना आयुक्त ने जगजीत की अपील पर सुनवाई करते हुए तीनों विभाग को फटकार लगाते ही जवाब देने के आदेश जारी किए।