चंडीगढ़। शहर में शुक्रवार को दोनों इंस्पेक्टरों को एक-दूसरे के क्षेत्र में भेजकर चालान कराया गया। इस दौरान टीमों ने 167 चालान किए। ज्वाइंट कमिश्नर सौरभ अरोड़ा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई।
ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि अतिक्रमण हटाने वाले दस्ते में सुनील दत्त व डीपी सिंह दो इंस्पेक्टर हैं। इनके नेतृत्व में सभी सब-इंस्पेक्टर के साथ शहर में दो टीमें बनाई हैं। ऐसे में दोनों टीमों को एक-दूसरे के क्षेत्र में भेजकर अभियान चलाया गया। इंस्पेक्टर सुनील दत ने 44 व इंस्पेक्टर डीपी सिंह ने 123 चालान काटे। इस दौरान बदले हुए सब-इंस्पेक्टर व नई टीम को देख मार्केट वाले भी परेशान हो गए। ज्वाइंट कमिश्नर ने कहा कि सप्ताह में एक या दो बार इसी तरह से दोनों टीमों को एक-दूसरे के क्षेत्र में भेजकर अभियान चलाया जाएगा ताकि अतिक्रमण की समस्या न हो। वहीं लोगों को हिदायत देते हुए कहा है कि अतिक्रमण मिला तो एस्टेट ऑफिस को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।
अतिक्रमण हटाने वाले दस्ते ने फिर दिया साढ़े 16 लाख का राजस्व
वित्तीय संकट से जूझ रही नगर निगम को अतिक्रमण हटाने वाले दस्ते का सहारा मिल गया है। जुलाई में 17 लाख 2225 रुपये का राजस्व वसूलने के बाद इस माह भी विभाग ने साढ़े 16 लाख रुपये का राजस्व निगम को दिया है। जुलाई में चालान से वसूली गई राशि अब तक की सबसे ज्यादा थी। ज्वाइंट कमिश्नर सौरभ अरोड़ा ने बताया कि कोरोना के बाद जब मार्केट खुलीं तो विभाग के निरीक्षक व उपनिरीक्षक को निर्देश दिए गए थे कि बिना वजह परेशान न किया जाए, लेकिन कोई बरामदों में सामान मिले तो कार्रवाई की जाए। ज्वाइंट कमिश्नर का कहना है कि लोगों की सहूलियत के लिए सभी उप-निरीक्षक को कहा गया है कि थोड़ी रियायत दी जा सकती है, लेकिन बरामदों में सामान नहीं लगने दिया जाएगा।