-5 जनवरी को पत्र जारी करते हुए हरियाणा सरकार ने लिया था सेवा समाप्त करने का निर्णय
-सितंबर के बाद रिटायर शिक्षकों की ही पुनर्नियुक्ति सत्र पूरा होने तक रखी जानी थी जारी
-सितंबर से पहले रिटायर हुए शिक्षकों की याचिका पर सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शैक्षणिक सत्र के बीच में रिटायर होने के बाद पुनर्नियुक्ति शिक्षकों को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए उनकी सेवा समाप्त करने के 5 जनवरी के आदेश पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही हरियाणा सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए वाहिद व अन्य ने एडवोकेट मोहम्मद अरशद के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि वह शैक्षणिक सत्र 2023-24 के बीच रिटायर हो गए थे। छात्रों की पढ़ाई में बाधा न आए इसके चलते सरकार ने 10 सितंबर 2023 को आदेश पारित किया कि जो भी शिक्षक शैक्षणिक सत्र के मध्य में रिटायर हुए हैं उन्हें सत्र पूरा होने तक या पद भरने तक पुनर्नियुक्ति दी जाएगी। इसके तहत याचिकाकर्ताओं ने शिक्षण कार्य जारी रखा और अपने सेवाएं दे रहे हैं। इसी बीच 5 जनवरी को सरकार की ओर से एक स्पष्टीकरण जारी किया गया जिसके अनुसार 10 सितंबर 2023 के बाद रिटायर हुए लोगों को ही सेवा जारी रखने की अनुमति है। इससे पहले रिटायर हुए लोगों को सरकार के फैसले का लाभ नहीं दिया जाएगा। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वह लगातार स्कूल में शिक्षण कार्य कर रहे हैं और उन्हें इसके वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया है। साथ ही सरकार का 10 सितंबर के फैसले के पीछे उद्देश्य था कि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, याचिकाकर्ताओं को हटाया गया तो यह उद्देश्य कैसे पूरा होगा। ऐसे में याची ने 5 जनवरी के आदेश को 10 सितंबर से पहले और बाद में रिटायर होने वाले शिक्षकों के बीच भेदभाव वाला बताते हुए इसे रद्द करने की अपील की है। हाईकोर्ट ने याचिका पर हरियाणा सरकार व अन्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं की सेवा समाप्त करने पर रोक लगा दी है।