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राहत : पीजीआई में ओपीडी शुरू, 8367 मरीजों को मिला इलाज

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चंडीगढ़। डॉक्टरों की हड़ताल खत्म होने के बाद शुक्रवार को 11 दिन बाद पीजीआई में ओपीडी शुरू हो गई। पंजीकरण के लिए कतार लग गई और कुल 8367 मरीजों ने पंजीकरण कराया। वहीं, इमरजेंसी में डॉक्टरों ने 257 मरीजों का इलाज किया। जीएमसीएच-32 में भी रेजिडेंट डॉक्टरों ने सुबह साढ़े दस बजे तीन सप्ताह के लिए हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने सभी सेवाएं सामान्य रूप से शुरू करने की सूचना जारी कर दी।
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कोलकाता की घटना के विरोध में डॉक्टर 11 दिन तक हड़ताल पर रहे। इस दौरान पीजीआई की ओपीडी लगभग ठप रही। पहले जहां रोजाना आठ से नौ हजार मरीजों के पंजीकरण होते थे, वहीं हड़ताल के दौरान दो से तीन हजार मरीजों का ही पंजीकरण हो रहा था, ये सभी पुराने मरीज थे। नए मरीजों का इलाज नहीं किया जा रहा था। इससे मरीज काफी परेशान थे।
शुक्रवार को ओपीडी सेवा बहाल होने से दूरदराज से इलाज के लिए आए मरीजों को बड़ी राहत मिली। मुजफ्फरनगर (यूपी) से पीजीआई इलाज के लिए पीजीआई पहुंचीं संजीदा ने कहा कि हड़ताल के कारण वह घर लौटने वाली थीं लेकिन हड़ताल खत्म होने से उन्हें काफी राहत मिल गई है, अब वह अपना इलाज कराकर ही जाएंगी। उधर, जीएमसीएच 32 में शुक्रवार को ओपीडी में 1539 मरीजों का पंजीकरण हुआ, जिनमें से 1535 फॉलोअप वाले मरीज रहे। यहां सिर्फ चार नए मरीजों ने ही पंजीकरण कराया। इमरजेंसी में 233 मरीजों का पंजीकरण हुआ, जिनमें से 70 पुराने और 163 नए मरीज रहे। 113 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया।
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तीन सप्ताह बाद हड़ताल पर लेंगे फैसला
रेजिडेंट डॉक्टरों ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर 11 दिन से चल रही हड़ताल को तीन हफ्ते के लिए समाप्त किया है हालांकि कोलकाता में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के केस में न्याय की मांग और सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग के लिए संघर्ष जारी रहेगा। पीजीआई और जीएमसीएच-32 के रेजिडेंट डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर ड्यूटी के बाद प्रदर्शन जारी रखेंगे और बैठकें आयोजित करते रहेंगे। जीएमसीए-32 के डॉक्टरों ने जल्द से जल्द मेडिसिन इमरजेंसी, आईसीयू और एसएलआर क्षेत्रों में हिंसक मामलों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी करने की मांग की है, जिस पर मार्च माह में चर्चा हो चुकी है। इसके साथ ही रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने हड़ताल के दौरान उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने और उस समय की हाजिरी लगाकर वेतन न काटने की अपील की है। तीन हफ्ते के बाद दोनों अस्पतालों के डॉक्टर बैठक कर हड़ताल को लेकर निर्णय लेंगे।
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