चंडीगढ़ के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। स्वास्थ्य विभाग ने पहली बार एसेंशियल ड्रग लिस्ट में शामिल 47 दवाओं की संख्या बढ़ाकर 172 कर दी है। पहली खेप में 155 दवाएं स्टॉक में उपलब्ध करा दी गई हैं। वहीं अन्य 17 की आपूर्ति शीघ्र करने का दावा किया जा रहा है। कुल मिलाकर स्वास्थ्य विभाग के इस निर्णय से आम जन को फायदा होगा क्योंकि जीएमएसएच-16 समेत सभी सिविल अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में जिन बीमारियों के मरीज सबसे ज्यादा पहुंच रहे हैं, उनके मर्ज से जुड़ी दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं।
अमर उजाला ने 17 अक्तूबर को ‘अस्पतालों में पैरासिटामॉल तक नहीं, सस्ते इलाज के दावे फेल’ शीर्षक के साथ दवाओं की कमी की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसे गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य सचिव ने दवाओं की उपलब्धता की अपडेट ली। इसके बाद दवाओं की आपूर्ति को लेकर गंभीरता दिखाई जा रही है। स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग का कहना है कि पैरासिटामॉल की कमी देशभर में है। इस समस्या को दो से चार दिन के अंदर दूर कर लिया जाएगा।
इन बीमारियों की दवाएं उपलब्ध
चार प्रकार की आई ड्रॉप, एंटीबायोटिक, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कोलेस्टॉल, खांसी की सिरप, मिर्गी की दवा, दस्त की दवा, एंटी एलर्जिक, अस्थमा की दवा, ईयर ड्रॉप, और स्टेरॉएड की अलग-अलग कैटेगरी की दवाओं की खरीदारी की गई है।
सिविल अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों को अब भी इंतजार
स्वास्थ्य विभाग ने एसेंशियल दवाओं की लिस्ट 44 से बढ़ाकर 172 कर दी है। जीएमएसएच-16 में इसकी आपूर्ति हो चुकी है। वहां मरीजों को विभिन्न बीमारियों की दवाएं निशुल्क मिलने लगी हैं। उधर, सिविल अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में अब भी दवाओं की कमी बरकरार है। वहां तैनात डॉक्टरों और पैरामेडिकल इस उम्मीद में बैठे हैं कि जल्द ही वहां भी इन दवाओं की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
सिविल अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में नहीं मिल रहा साबुन
जीएमएसएच-16 में साबुन की कमी की समस्या तो दूर हो गई लेकिन सिविल अस्पतालों और स्वास्थ्य केन्द्रों में अब भी आपूर्ति ठप है। इससे वहां तैनात डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। संक्रमण से बचाव के लिए वे घर से साबुन लाने को मजबूर हैं।
सरकारी अस्पतालों में पहले 47 प्रकार की ऐसेशियल ड्रग उपलब्ध थी। इसे बढ़ाकर 172 कर दी गई है। इसमें से 155 दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं और बाकी 17 जल्द ही आ जाएंगी। इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
- यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव