नशे के हजारों करोड़ के कारोबार से बिक्रम मजीठिया का कनेक्शन है या नहीं इसकी जांच से जुड़ी एसटीएफ रिपोर्ट हाईकोर्ट पहुंच चुकी है। इस जांच रिपोर्ट की एक प्रति ईडी को भी सौंपी गई है। दूसरे राज्य में अब उनकी सरकार भी नहीं है। दोनों इस रिपोर्ट पर अपने स्तर पर कार्रवाई करेंगे क्योंकि हाईकोर्ट पहले ही छूट दे चुका है चाहे इस मामले में कोई भी लिप्त हो कार्रवाई करने से पीछे न हटा जाए।
हाईकोर्ट ने कहा कि यह बेहद ही संवेदनशील मामला है। ऐसे में इस मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को सुरक्षित किया जाना बेहद जरूरी है ताकि वह बेखौफ हो मामले की जांच कर सकें। एनडीपीएस केस में फंसे मोगा के एसएसपी राजजीत सिंह हुंदल के मामले की जांच के लिए हाईकोर्ट द्वारा डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय की अध्यक्षता में एसआईटी ने भी इस मामले की जांच कर इसकी भी सीलबंद रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंप दी है।
एसआईटी ने कहा कि यह आरंभिक जांच रिपोर्ट है। इसे पूरी करने के लिए उन्हें कुछ और समय दिया जाए। हाईकोर्ट ने एसआईटी की रिपोर्ट का अध्ययन कर इस रिपोर्ट पर पूरी तरह से संतुष्टि जताते हुए एसआईटी को जांच पूरी करने के लिए और दो महीने का समय दे दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने इन सभी मामलों में ईडी, आयकर विभाग और अन्य राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों को सहयोग करने के आदेश भी दिए हैं।