अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत न्यूजीलैंड के सेबों पर आयात शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत किए जाने के फैसले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे सेब उत्पादक किसानों के साथ सीधा विश्वासघात बताते हुए कहा कि यह निर्णय ‘स्वदेशी’ की नीति के पूरी तरह खिलाफ है। संधवां ने कहा कि केंद्र सरकार के ऐसे फैसले ईस्ट इंडिया कंपनी की नीतियों की याद दिलाते हैं, जिनमें देशी उत्पादकों को कमजोर कर विदेशी हितों को तरजीह दी जाती थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यह कदम देश की करीब 5,000 करोड़ रुपये की सेब आधारित अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। स्पीकर ने कहा कि बागवानी पर निर्भर लाखों किसान परिवारों की आजीविका इस फैसले से प्रभावित होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार घरेलू उत्पादकों के संरक्षण के अपने वादों पर खरी नहीं उतरी है। संधवां ने केंद्र से इस निर्णय पर तुरंत पुनर्विचार कर किसानों, विशेषकर बागवानी क्षेत्र से जुड़े उत्पादकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।