चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रावासों को खाली करवाने वाला अभियान ठंडा पड़ गया है। बताया जाता है कि कोरोना के घटते मामलों के चलते पीयू प्रशासन अब दूसरे कार्यों में लग गया है। वहीं, छात्र भी छात्रावास खाली नहीं करना चाहते। इसी के साथ एक जून से घर गए छात्र भी छात्रावासों में आ सकते हैं। हालांकि इसके लिए वार्डन आदि से वह इजाजत लेंगे। इजाजत लेने के नियम का छात्र विरोध भी कर रहे हैं।
पीयू ने पिछले कोरोना काल में सभी छात्रावास खाली करवा लिए थे। उसके बाद बुश्किल छात्रों को छात्रावासों में आने की इजाजत मिली। टुकड़ों में उन्हें बुलाया गया। इसमें अधिकांश शोधार्थी शामिल रहे। इस बार फिर कोरोना की दूसरी लहर आई। पीयू ने छात्रावासों को खाली करवाने के लिए कहा। छात्रों से कहा कि वह अपने घर चले जाएं। कुछ शोधार्थी तो चले गए, लेकिन 60 फीसदी शोधार्थी छात्रावासों में ही रहे। उन्होंने पीयू प्रशासन के आदेश का विरोध किया। कई दिन तक प्रदर्शन किया। उसके बाद पीयू ने वार्डन को छात्रों की काउंसलिंग के लिए लगाया। यह प्रयास भी कुछ रंग लाया। अब कोरोना के केस कम हो गए। ऐसे में काउंसलिंग का कार्य भी लगभग बंद हो गया। वहीं शोधार्थियों ने भी अपने शोध पर ध्यान केंद्रित कर लिया। अब वह प्रयोगशालाएं आदि खुलवाने की तैयारी में जुटे हैं।