यमुना नदी में जलस्तर कम होने से बुधवार को भी दक्षिण हरियाणा के जिलों को मांग से काफी कम पानी की आपूर्ति की गई। दिन भर केवल तीन घंटे यमुना का जलस्तर तीन से चार हजार क्यूसेक रहा, इस दौरान हरियाणा के हिस्से की पानी आपूर्ति में थोड़ा सुधार रहा।
सिंचाई विभाग के मुताबिक मंगल की रात 12 बजे से बुधवार रात आठ बजे तक जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी रहा। करीब आठ घंटे तक जलस्तर 1166 क्यूसिक रिकार्ड किया गया। इस दौरान पश्चिमी यमुना नहर में 814 क्यूसेक पानी की आपूर्ति की गई, जिसमें 761 क्यूसेक पानी दिल्ली के लिए था। यानी दक्षिण हरियाणा के हिस्से में मात्र 53 क्यूसेक पानी आया। इन दिनों पानी की मांग छह हजार क्यूसेक की है। बुधवार को यमुना का अधिकतम जलस्तर 10 बजे 4174 क्यूसिक दर्ज किया गया। इस दौरान पश्चिमी यमुना नहर में 2988 क्यूसेक पानी दिया गया।
बिजली उत्पादन भी 80 प्रतिशत घटा
यमुना का जलस्तर कम होने से पनबिजली परियोजना में पिछले चार महीनों से बिजली उत्पादन बुरी तरह प्रभावित है। इन दिनों क्षमता से करीब 80 प्रतिशत कम बिजली बन पा रही है। हाइडिल पॉवर हाउस की चार इकाइयां बेगमपुर, नेनोवाली, भूड़कला व ताजेवाला हैं।
इन इकाइयों की आठ यूनिटों में आठ-आठ मेगावाट बिजली उत्पादन होता है। आठों यूनिटों में बिजली उत्पादन के लिए हाइडिल को 5400 क्यूसेक पानी की जरूरत होती है। पानी कम होने पर एक या दो इकाइयों में ही बिजली उत्पादन हो रहा है। हाइडिल पावर हाउस के एक्सईएन बीपी शर्मा ने बताया कि यमुना में पानी की कमी दिसंबर के बाद से ही है। फिलहाल 18 से 20 प्रतिशत बिजली का उत्पादन हो पा रहा है।