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Chandigarh News: रेड एंट्री वाले किसान नहीं बेच सकेंगे जमीन, बैंक से लोन भी नहीं ले सकेंगे

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पराली जलाने के खिलाफ सरकार का नया एक्शन प्लान
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-सुप्रीमकोर्ट की गाइडलाइंस को सरकार ने प्रदेश के हर जिला के डीसी को भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सुप्रीमकोर्ट की गाइडलाइंस पर अब पंजाब सरकार पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ रेड एंट्री का नया एक्शन प्लान लेकर आई है। सरकार ने प्रदेश के हर जिला के डिप्टी कमिश्नर को नई गाइडलाइंस जारी कर रेड एंट्री करने के लिए कहा है। कोई भी किसान पराली जलाते हुए पाया जाता है, उसके खिलाफ रेवेन्यू रिकॉर्ड में रेड एंट्री करने के लिए कहा गया है। रेड एंट्री करने से किसान के खेतों का टाइटल क्लियर नहीं होगा और अगर किसान बैंक से अपने खेतों पर लोन लेना चाहता है, इस रेड एंट्री की वजह से उन्हें लोन भी नहीं मिलेगा।
पराली निस्तारण प्रबंधन के लिए सरकार इस बार 500 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। यह फंड सीधे तौर पर किसानों पर पराली प्रबंधन के लिए खर्च की जाएगी। मुख्य रूप से यह फंड मशीनें खरीदने पर सब्सिडी देने में इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार की ओर से इस बार 14 हजार किसानों के पराली निस्तारण के लिए मशीनें उपलब्ध कराई जा रही है।
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फिरोजपुर, पटियाला और संगरूर में जिला प्रशासन बड़े स्तर पर ऐसे किसानों को चिह्नित कर जोकि पाबंदी के बावजूद या चेतावनी जारी किए जाने के बाद भी पराली जलाने से पीछे नहीं हट रहे हैं, वहां किसानों के खिलाफ रेड एंट्री की जा रही है। पूरे प्रदेश में अब तक 150 से ज्यादा पराली जलाए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस रेड एंट्री की कार्रवाई के लिए अब किसान जत्थेबंदियों ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। किसान जत्थेबंदियों की ओर से लगातार जिलों में प्रशासनिक स्तर पर टकराव जारी है, लेकिन सुप्रीमकोर्ट की गाइडलाइंस के चलते सरकार के हाथ भी बंधे नजर आ रहे हैं।

डीजीपी ने पराली जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए
डीजीपी गौरव यादव ने प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नरेट और सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) काे पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा है। दरअसल, पराली जलाने पर एफआईआर दर्ज करने की जिम्मेदारी स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) के पास है। एसएचओ की रिपोर्ट पर ही किसानों के खिलाफ रेवेन्यू रिकॉर्ड में रेड एंट्री की जाती है। कई मामलों में एरिया एसडीएम और डीसी भी बार-बार शिकायत प्राप्त होने पर रेड एंट्री को लेकर रिपोर्ट भेज सकते हैं।
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वर्ष 2023 में केवल 340 रेड एंट्री हुई थी
धान की कटाई के समय बीते वर्ष पंजाब में 36,623 मामले पराली जलाने से जुड़े सामने आए थे। पूरे प्रदेश में सिर्फ 340 रेड एंट्री की गई थी। सुप्रीमकोर्ट की गाइडलाइंस पर इस बार भी सरकार ने रेड एंट्री के नए एक्शन प्लान को दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं, लेकिन तीन से चार जिलों के अलावा बाकी जगहों पर पराली जलाने की घटनाओं पर रेड एंट्री नहीं की जा रही है, यहां तक की पुलिस स्तर पर ऐसे किसानों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जा रहा है। मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ने अब प्रदेश के सभी डीसी और इन्फोर्समेंट विंग से हर हफ्ते की रिपोर्ट तलब की है।
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