पोलिंग बूथ पर ओआरएस, एंबुलेंस व पैरामेडिकल स्टाफ रखने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। भीषण गर्मी ने मतदाताओं के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। पिछले चार दिन से हरियाणा में पारा 44 से 47 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग ने मतदान वाले दिन 25 मई को भी लू का रेड अलर्ट जारी किया है। यानी शनिवार को अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। आसमान से बरसती आग के साथ गर्म हवाएं भी चलेंगी। ऐसे में मतदाताओं को गर्मी की अग्निपरीक्षा से गुजर कर हरियाणा में रिकॉर्ड मतदान का लक्ष्य पूरा करना होगा। मौसम को देख चुनाव आयोग की भी चिंता बढ़ गई है। हरियाणा में 2019 के चुनाव में 70 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ था। इस बार मतदान का लक्ष्य 75 फीसदी रखा गया है। हालांकि मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने गर्मी से निपटने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी पोलिंग बूथ पर शेड लगाने के साथ ठंडे पानी की व्यवस्था, ओआरएस घोल, पैरामेडिकल स्टॉफ और एंबुलेंस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को भी हरियाणा के सिरसा में अधिकतम तापमान 47.8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, कुछ इलाकों में सोमवार के मुकाबले तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। राज्य के औसतन तापमान में करीब 1.7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। चंडीगढ़ मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल इस पूरे हफ्ते गर्मी से राहत की कोई उम्मीद नहीं है।
भाजपा ने बनाई रणनीति
बढ़ती गर्मी को देखते हुए राजनीतिक दलों ने भी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। बीते पांच चरणों में कम मतदान ने भाजपा को चिंता में डाल दिया है, इसलिए वह हरियाणा में कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। भाजपा ने अपने बूथ पदाधिकारियों से आह्वान किया है कि वह सभी से सुबह ही मतदान करने की अपील करें। हर मतदाता के परिवार को मतदान के लिए प्रेरित करें। हर परिवार से संवाद और संपर्क साधे। बीते शनिवार को खुद मोदी ने भी अंबाला में रैली के दौरान सभी से सुबह मतदान करने करने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से कहा था कि पहले मतदान करें। उसके बाद वह जलपान करें।