चंडीगढ़। पेक में शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ नहीं हो पाया, जबकि यह इसी शैक्षिक सत्र से पहले रखे जाने चाहिए थे। हालांकि स्थायी निदेशक के आने का हवाला देकर कहा जा रहा है कि उनके आने के बाद ही कुछ बात बनेगी। फिलहाल कुछ विभागों ने अतिथि संकाय की तैनाती की है ताकि कार्य हो सके।
पेक के नौ विभागों में लगभग 100 शिक्षकों की आवश्यकता है। बड़ी संख्या में शिक्षकों की कमी होने के कारण दूसरे शिक्षकों पर इसका भार पड़ रहा है। साथ ही शिक्षा गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए पिछले साल शिक्षकों की तैनाती की योजना बनी थी। सभी विभागों नेे खाली पदों का ब्योरा जुटा लिया था। विज्ञापन जारी होने वाला था कि निदेशक ने इस्तीफा दे दिया। उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। नए निदेशक की तैनाती के लिए प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई, लेकिन नाम सामने नहीं आया।
सूत्रों का कहना है कि शिक्षकों की तैनाती नहीं होने के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके जरिए पेक की रैंकिंग भी प्रभावित हो सकती है। विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात बेहतर होता है तो उसके अलग से रैंकिंग में नंबर मिलते हैं। जानकारों का कहना है कि अतिथि संकाय के सहारे केवल काम चलाया जा सकता है। नियमित शिक्षकों की पेक को अधिक आवश्यकता है जो पूरी होने चाहिए।