चंडीगढ़। पीजीआई में एंबुलेंस चलाने के लिए चालकों से हजारों रुपये की वसूली करने का मामला सामने आया है। वसूली करने आए आरोपियों ने एक युवक पर बीते रविवार देर रात हथियारों से हमला कर घायल दिया। मामले में सेक्टर- 11 थाना पुलिस ने किसी की जान को खतरे में डालकर वसूली करना, चोट पहुंचाना, गैरकानूनी रूप से रास्ता रोकना और धमकाने की धाराओं में केस दर्ज किया है। मामले में कुछ ही घंटों में मुख्य आरोपी गगनदीप मान उर्फ फौजी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, वारदात में इस्तेमाल की गई हरियाणा नंबर की सफेद रंग की एक्सयूवी 500 भी बरामद कर ली गई है। बीते रविवार को आरोपी मान और अन्य आरोपी पीजीआई के सामने नाइट फूड स्ट्रीट के पास आए थे। इनके पास रॉड, डंडे और तेजधार हथियार थे। उन्होंने पीजीआई में एंबुलेंस चलाने के लिए 10 हजार रुपये की वसूली मांगी। मना किए जाने पर हमलावरों ने शिकायतकर्ता दलजीत सिंह पर हमला शुरू कर दिया। दलजीत के सिर, पीठ और हाथ पर चोट आई है। आरोपियों ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पुलिस का कहना है कि मामले में बाकी फरार हमलावरों की तलाश जारी है। जानकारी के मुताबिक मुख्य आरोपी गगनदीप मान के खिलाफ सेक्टर-11 थाने में 3 जून 2016 को चोरी की धारा में केस दर्ज हुआ था। इसमें उसकी गिरफ्तारी हुई थी और बाद में उसे जमानत मिल गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों को धमकाते थे और एंबुलेंस की ओवरचार्जिंग कर लोगों को ठगा जाता था।
दलजीत सिंह का आरोप आरोपियों के पास गाड़ी में पिस्टल भी थी
शिकायतकर्ता दलजीत सिंह ने आरोप लगाया कि आरोपियों के पास गाड़ी में पिस्टल भी थी। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। देर रात हुए इस हमले की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और घायल दलजीत सिंह को अस्पताल पहुंचाया था। यहां उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। दलजीत सिंह ने बताया कि हमलावर आए और उसके भाई विक्की के बारे में पूछने लगे। दलजीत पीजीआई में भी लगा हुआ है। जानकारी के मुताबिक गगनदीप के साथ बंटी और अन्य शख्स थे। यह स्टैंड पर चालकों से वसूली करने की नीयत से आए थे। विक्की ने बताया कि तीन दिन पहले उसे एक कॉल आई थी। कॉलर ने कहा था कि उसी ने पीजीआई में फर्जी एंबुलेंस चलने की जानकारी मीडिया में लीक की थी। इस पर विक्की ने मना किया मगर कॉलर ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। विक्की के मुताबिक वह स्टैंड के पास था और उसे एक दोस्त की कॉल आई कि पीजीआई में खून की जरूरत है। ऐसे में जब वह इमरजेंसी में गया तो पीछे से दलजीत पर हमला हो गया।