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हॉस्टल रूम के लिए सिफारिशों का खेल

Sun, 24 Aug 2014 01:05 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, कुरुक्षेत्र
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केयू में हॉस्टल न मिलने पर रजिस्ट्रार से मिलने पहुंची छात्राओं को एक अधिकारी की दमनकारी नीति का सामना करना पड़ा। इसके बाद छात्राओं के तेवर ढीले हो गए और वे मीडिया से बात करने पर कतराने लगी।
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इससे पहले पत्रकारों से बातचीत में छात्राओं ने हॉस्टल प्रशासन पर सिफारिश से रूम देने और नियमों को ताक पर रखकर कमरे देने का आरोप लगाया। लेकिन रजिस्ट्रार कार्यालय से निकलने के बाद इन्होंने चुप्पी साध ली।

वहीं रजिस्ट्रार डॉ. केसी रल्हाण ने उचित कार्रवाई और समस्या के समाधान का आश्वासन देकर टरका दिया। इससे पहले मेरिट लिस्ट के आधार पर कमरा अलॉट न करने का आरोप लगाते हुए लगभग पचास छात्राएं प्रशासनिक भवन पहुंची।
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वहां मौजूद पत्रकारों से बातचीत करते हुए छात्राओं के तेवर काफी उग्र दिखे। छात्राओं ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में रूम सिफारिश से दिए जा रहे हैं। जबकि मेरिट लिस्ट में शामिल छात्राओं को कमरे अलॉट नहीं किए जा रहे। छात्राओं ने आरोप लगाया कि वेटिंग लिस्ट में रखी छात्राओं को रूम दे दिया गया है। जो सिफारिश का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

महिला अधिकारी ने धमकाया
छात्राओं ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को रात करीब नौ बजे एक प्रशासनिक अधिकारी आईं और उन्होंने उन्हें अपने लिए रूम का प्रबंध करने के लिए धमकाया।

आरोप है कि इस अधिकारी ने साफतौर पर छात्राओं को रूम खाली करने के लिए कहा। बता दें कि ये छात्राएं हॉस्टल के गेस्ट रूम में रह रही हैं।

53 छात्राओं में से केवल 25 को मिला कमरा
प्रशासनिक भवन के बाहर पहुंची छात्राओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ज्योलॉजी डिपार्टमेंट में कुल 60 विद्यार्थी हैं। इनमें से 53 छात्राएं हैं।

जिनमें से करीब 25 को हॉस्टल में रूम अलॉट हुए हैं। शेष को रूम नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि हॉस्टल प्रशासन की ओर से जारी फर्स्ट लिस्ट में शामिल विद्यार्थियों को रूम तो मिला।

लेकिन सेकेंड लिस्ट वालों में किसी को भी रूम अलॉट नहीं किया गया। छात्राओं का आरोप है वेटिंग में रखी छात्राओं को सिफारिश के दम पर रूम मिल है।

अधिकारियों से मिलने के बाद साधी चुप्पी
कार्यालय में रजिस्ट्रार डॉ. केसी रल्हाण की उपस्थिति में गर्ल्स चीफ वार्डन आशू सौकीन से छात्राएं मिली। करीब 30 मिनट तक कार्यालय से बाहर आने पर छात्राओं ने चुप्पी साध ली।

जब उनसे मीडियाकर्मियों ने समस्या के बारे में पूछा तो एक भी छात्रा इस संदर्भ में कुछ नहीं बोली। हालांकि छात्राओं ने सिर्फ उनकी समस्या का समाधान करने के आश्वासन की बात कही।

चेहरे पर दिखा प्रशासन का भय
 रजिस्ट्रार से मिलने पहुंची छात्राओं ने प्रशासनिक भवन के बाहर समस्या से पत्रकारों को अवगत कराया। उन्होंने हॉस्टल प्रशासन पर सिफारिश से कमरे अलॉट करने का आरोप भी लगाया।

हैरत की बात तो यह है कि जब रजिस्ट्रार की उपस्थिति में चीफ वार्डन गर्ल्स से मिलकर बाहर आई। तो उनके चेहरे का रंग उड़ा हुआ था। लड़कियों ने कुछ भी बोलना मुनासिफ नहीं समझा।

उनके चेहरों पर प्रशासनिक अधिकारियों का भय साफ देखने को मिला। वहीं कुछ लड़कियां मीडिया के सामने कुछ भी कहने पर बहस करती नजर आईं।

जबकि एक-दो छात्रा ने उन्हें यह भी कह दिया कि प्रशासन ने मीडिया के सामने बात करने से मना किया है। यह बात सुनते ही प्रशासनिक भवन के बाहर खड़ी छात्राएं चुप्पी साधते हुए पत्रकारों से कन्नी काट गईं।

सीनियर आने के बाद उठाया जाएगा अगला कदम : चीफ वार्डन
चीफ वार्डन आशू सौकीन ने बताया कि मंगलवार शाम पांच बजे तक सीनियर बच्चे आ जाएंगे। इसके बाद कमरे देने के बारे में अगला कदम उठाया जाएगा।

अभी इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रशासन का पूरा प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक छात्राओं की समस्या को दूर किया जाए।

आरोप झूठे हैं, नहीं गई हॉस्टल
चीफ वार्डन गर्ल्स आशू सौकीन ने बताया कि वे शुक्रवार को रात हॉस्टल गई ही नहीं। उन पर लगाए आरोप झूठे हैं। इसका पता सीसीटीवी की फुटेज से लगाया जा सकता है। क्योंकि हर हॉस्टल के मेन गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।

रिपोर्ट मांगी गई है हॉस्टल से : कुलसचिव
कुलसचिव डॉ. केसी रल्हाण के अनुसार छात्राओं का आरोप है कि मेरिट लिस्ट के आधार पर हॉस्टल अलाट नहीं किया गया। कुलसचिव ने बताया कि हॉस्टल प्रशासन से सोमवार शाम तक मामले की रिपोर्ट देने को कहा है।

अगर कोई कोताही बरती है तो नियमानुसार कार्रवाई भी होगी। जब उन्हें एक अधिकारी द्वारा छात्राओं पर भड़कने की और धमकाने की बात बताई तो उन्होंने बताया कि अधिकारियों को अपने व्यवहार में सुधार करने की हिदायत भी दी जाएगी।
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