हरियाणा लोकसभा और विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त झेलने के बावजूद कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी खत्म नहीं हो रही। प्रदेश के कांग्रेस नेतृत्व में वर्चस्व की जंग छिड़ी हुई है। इस जंग में विधायक दल की नेता किरण चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने हाथ मिला लिया है।
कांग्रेस के जिला स्तरीय सम्मेलनों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा दिखाई नहीं पड़ रहे हैं। दस साल तक हरियाणा में संगठन और सरकार चलाने वाले हुड्डा इस समय कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलनों के मंच पर नहीं दिख रहे हैं।
तंवर और हुड्डा में मतभेद तो विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण के दौरान ही दिख गए थे, लेकिन अब सार्वजनिक मंचों में यह मतभेद फिर दिखाई दे रहे हैं। गुटबाजी का ताजा उदाहरण हिसार में कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प है। हालांकि अब कांग्रेस के नेता किसी तरह के झगड़े की खबरों से कन्नी काट रहे हैं।