टिकट वितरण में भाजपा में सुलग रही असंतोष की चिंगारी के बाद अब कांग्रेस में भी बगावत की आग भड़क उठी है। बुधवार को कांग्रेस की लिस्ट जारी होने के बाद सूबे में जगह-जगह कांग्रेस के प्रत्याशियों का विरोध हो रहा है।
असंध में टिकट न मिलने से नाराज विधायक जिलेराम शर्मा और कांग्रेसी नेता शेरी प्रताप सिंह शेरी ने पार्टी छोड़कर आजाद चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। असंध से विधायक जिलेराम शर्मा शुक्रवार को ही नामांकन दर्ज कराएंगे।
उधर, हिसार में हरियाणा युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा के करीबी योगेश सिहाग ने नारनौंद क्षेत्र से टिकट न मिलने से नाराज होकर अपने समर्थकों के साथ पार्टी छोड़ने की घोषणा की।
राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी भाजपा में शामिल
जाट धर्मशाला में योगेश सिहाग ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर विकास और रोजगार में भेदभाव का आरोप लगाया। वहीं झज्जर में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आनंद सागर ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने की घोषणा की। पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी और बादली से प्रत्याशी ओमप्रकाश धनखड़ के सामने भाजपा ज्वाइन कर ली।
जींद में पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एसी चौधरी ने रैली के दौरान इनेलो में शामिल होने की घोषणा की। भिवानी में कांग्रेस कार्यकर्ता डॉ. शिवशंकर भारद्वाज ने पार्टी छोड़ कर निर्दलीय मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया। उन्होंने टिकट कटवाने के लिए कांग्रेस की मंत्री को जिम्मेदार ठहराया है।
यमुना नगर में भी कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं ने बगावती सुर दिखाए हैं यहां सीएम के नजदीकी चौधरी अर्जुन सिंह ने हजकां का दामन थाम लिया है और वह जगाधरी से चुनाव लड़ेंगे। अर्जुन सिंह बसपा के टिकट पर छछरौली सीट से एक बार विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं।
अंबाला मेयर मल थामेंगे हजपा का हाथ!
अंबाला के मेयर रमेशलाल मल भी टिकट वितरण के बाद कांग्रेस से खफा हो गए हैं। टिकट न मिलने से नाराज होकर टिकट के लिए सीएम दरबार में हाजिरी भरनी शुरू कर दी थी, लेकिन अब न तो मेयर को टिकट मिला और न ही बिट्टू को।
कांग्रेस का टिकट तो हिम्मत सिंह ले उड़े। इसी बात से दिलीप चावला बिट्टू और मेयर दोनों खासे नाराज हैं। सूत्रों के अनुसार बिट्टू तो अभी शिअद के संपर्क में, वहीं हजपा ने मेयर रमेश लाल मल को विनोद शर्मा की हरियाणा जनचेतना पार्टी में आने का न्योता दिया है।
हजपा के नेता लगातार मेयर के संपर्क में हैं और मेयर को पार्टी में शामिल करने की कोशिशें भी खासी तेज हैं। सूत्र बताते हैं कि मेयर या तो शहर विनोद शर्मा की हजपा का दामन थाम लेंगे या फिर मेयर यदि बिट्टू के साथ चले तो उन्हें उसी तरह झुकना पड़ेगा, जिधर बिट्टू जाएंगे।
बिट्टू भी जा सकते हैं भाजपा में
सूत्र तो यह भी बताते हैं कि यदि शिअद ने सिटी सीट से बिट्टू को टिकट न दिया तो बिट्टू भी हजपा का दामन थामने के बारे में सोच सकते हैं।
क्योंकि शिअद के साथ-साथ हजपा नेताओं ने बिट्टू से भी संपर्क स्थापित कर उन्हें हजपा में आने का निमंत्रण देना शुरू कर दिया है लेकिन बिट्टू फिलहाल अभी शिअद के फैसले का इंतजार करेंगे।
उधर, बिट्टू का कहना है कि वे वर्करों की मीटिंग के बाद ही कोई फैसला लेंगे। उनके अनुसार अभी तो फिलहाल कांग्रेस और कांग्रेस प्रत्याशी का खुलकर विरोध करेंगे।