कोरोना संक्रमित मरीजों को डिस्चार्ज किए जाने को लेकर गाइडलाइन में बदलाव के बाद चंद दिनों में ही सूद धर्मशाला में 122 मरीज शिफ्ट कर दिए गए। यहां पीजीआई के अलावा श्री धनवंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज के भी मरीज शिफ्ट हुए हैं। 200 कमरे वाली इस धर्मशाला में 3 फ्लोर हैं, जहां कुछ कमरों में एक ही परिवार के कई सदस्य एक साथ रह रहे हैं।
यहां क्वारंटीन मरीजों की शिकायत है कि उन्हें चाय के नाम पर गर्म पानी और नाश्ते के नाम पर महज दो ब्रेड और 50 एमएल दूध दिया जा रहा है। दोपहर का खाना लगभग 3 बजे मिल रहा है। वहीं, शाम की चाय के बाद सीधे रात को तीन रोटी खाने में दी जाती है। उसके बाद रोटी मांगने पर साफ मना कर दिया जा रहा है।
सीन- वन: सेक्टर-22 स्थित सूद धर्मशाला में शुक्रवार की सुबह 8.30 बजे मेन गेट के पास खड़े कर्मचारी ने जोर से आवाज लगाई। चाय बन गई है.. सब आकर ले लो। उसके इतना बोलते ही तीन तल वाले धर्मशाला में क्वारंटीन लगभग 100 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीज एक साथ अपने कमरों से बाहर निकल आए।
चाय लेने के लिए भीड़ जुट गई। हर कोई एक-दूसरे को धक्का मारकर चाय उठाने की कोशिश करता नजर आया। सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों की धज्जियां उड़ाकर लोग एक-दूसरे को धक्का मारकर आगे निकलते दिखे।
सीन-दो: सूद धर्मशाला में पीजीआई से क्वारंटीन किए गए मनीमाजरा निवासी एक ही परिवार के तीन सदस्य एक रूम में ठहराए गए हैं। उन 3 सदस्यों में से एक सदस्य सुबह उठकर कमरे में वाईपर से पोछा लगाता नजर आया। पूछने पर बताया कि कमरे में इतनी गंदगी है कि यहां ठहरने में डर लग रहा है। हमसे पहले जो मरीज यहां रुके थे, उनका जूठा डस्टबिन में भरा पड़ा है। उसे भी साफ नहीं किया गया। सफाई की बात करने पर हमें वाइपर और पोछा थमा दिया गया है, इसलिए अपने बचाव के लिए खुद ही साफ-सफाई कर रहे हैं।
सीन- तीन: सूद धर्मशाला में क्वारंटीन मलोया निवासी एक कोरोना पॉजिटिव महिला की भूख के मारे हालत खराब बिगड़ रही है। महिला ने बताया कि रात और दिन के खाने में तीन-तीन रोटी दी जाती है। भूख ज्यादा होने पर धर्मशाला वाले से एक-दो रोटी और देने का अनुरोध किया तो जवाब मिला कि इतना ही खाना मिलेगा। इससे ज्यादा चाहिए तो घर से मंगाओ। महिला का कहना है कि कोरोना ठीक हो न हो हमें भूख के कारण दूसरी कोई गंभीर बीमारी जरूर हो जाएगी।
एक दिन पहले पीजीआई में हुआ था बवाल
सूद धर्मशाला में क्वारंटीन किए जाने पर वीरवार को सेक्टर 25 निवासी 2 माह की कोरोना पॉजिटिव बच्ची की मां पीजीआई में बवाल कर चुकी है। उस महिला ने धर्मशाला की अव्यवस्था का हवाला देते हुए अपने नवजात बच्चे को वहां शिफ्ट किए जाने का विरोध किया था। उसके बवाल के बाद पीजीआई प्रशासन ने उसकी बच्ची को दोबारा पीजीआई में भर्ती किया। उस महिला ने शिकायत की थी कि उसकी बच्ची धर्मशाला में दूध के अभाव में दम तोड़ देगी।
गाइडलाइंस के अनुसार दी जा रही सभी सुविधाएं: स्वास्थ्य सचिव
चंडीगढ़ के स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि सूद धर्मशाला में कोरोना के मरीजों को डिस्चार्ज करने के बाद उन्हें क्वारंटीन करने की सुविधा है। अगर किसी के घर में क्वारंटीन की सुविधा है तो वह घर जा सकता है। सूद धर्मशाला में मरीजों को होम क्वारंटीन की सुविधा दी जा रही है। वहां एक कमरा दिया जा रहा है, जिसके साथ जुड़ा हुआ एक बाथरूम है। सरकार की तरफ से जो गाइडलाइंस है, उसके अनुसार वहां लोगों को सभी सुविधाएं दी जा रही हैं।