पायलट के मास्टर प्लान में मुंबई के एक नेता के शामिल होने की भी जानकारी दी गई, जो कि मध्य प्रदेश मामले में भी सक्रिय रहा था। इस तरह गहलोत ने तो राज्यसभा चुनाव के समय ही इस सियासी घटनाक्रम की पटकथा लिख दी थी। जैसे ही राज्यसभा चुनाव संपन्न हुआ, सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को शिकायत दी कि मध्य प्रदेश जैसी ही साजिश राजस्थान में भी रची जा रही है।
हमारे विधायकों से संपर्क किया जा रहा है और उन्हें प्रलोभन दिया जा रहा है। इस पर एसओजी ने मामला दर्जकर जांच शुरू की और विधायकों की खरीद फरोख्त व सरकार गिराने के मामले में उदयपुर व ब्यावर से दो खनन व्यवसायियों अशोक सिंह व भरत मालानी को गिरफ्तार किया गया।
उनसे हुई पूछताछ के आधार पर एसओजी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट समेत 16 विधायकों को बयान देने के लिए नोटिस जारी किए। एसओजी की इस कार्रवाई को स्वाभिमान पर चोट बताते हुए पायलट मुख्यमंत्री से बगावत कर बैठे और अपने समर्थक विधायकों के साथ दिल्ली रवाना हो गए।
दावा यह किया गया कि 30 विधायक उनके साथ हैं, जबकि मानेसर के होटल से वीडियो जारी किया गया तो उसमें 19 विधायक ही मौजूद दिखे। इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आनन-फानन में अपने निवास पर विधायक दल की बैठक बुलाई और इसमें मौजूद 109 विधायकों को दिल्ली रोड स्थित एक होटल में ले जाकर बाड़ाबंदी कर दी।
तब तक प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय व एआईसीसी ऑब्जर्वर रणदीप सुरजेवाला भी जयपुर पहुंच चुके थे। उन्होंने होटल में अगले दिन फिर विधायक दल की बैठक बुलाई और उसमें शामिल होने के लिए सभी कांग्रेस विधायकों को व्हिप जारी किया गया। लेकिन इस बैठक में सचिन पायलट समेत दो मंत्री व 17 विधायक नहीं पहुंचे। इस पर अनुपस्थित विधायकों पर संवैधानिक कार्रवाई करने और डिप्टी सीएम व दोनों मंत्रियों को हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
इसके तत्काल बाद मुख्यमंत्री गहलोत ने राज्यपाल से भेंट की और डिप्टी सीएम व दोनों मंत्रियों को हटाने की सिफारिश करते हुए जल्द ही उन्हें मंत्रिमंडल के पुर्नगठन की जानकारी दी। इसके बाद सचिन पायलट को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया और उनके स्थान पर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को नया पीसीसी चीफ बनाया गया। सचिन समर्थक यूथ कांग्रेस अध्यक्ष, सेवादल अध्यक्ष व एनएसयूआई अध्यक्ष को भी तत्काल बदल दिया गया। यह पहला मौका था, जब राजस्थान में कांग्रेस के सारे संगठनात्मक ढांचे को एक साथ बदला किया गया।
विधानसभा में यह है दलीय स्थिति-
- कांग्रेस- 107
- भाजपा - 72
- निर्दलीय - 13
- आरएलपी- 3
- सीपीएम- 2
- बीटीपी- 2