किशोरी से दुष्कर्म के दो नाबालिग दोषियों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम आर जोशी की अदालत ने वीरवार को सात साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोषियों पर 55 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। बीते मंगलवार को 17 साल के दोनों नाबालिगों को दोषी करार दिया गया था। उसके बाद दोनों को जुवेनाइल होम भेज दिया गया था।
मामला 29 सितंबर 2017 का है। एफआईआर के मुताबिक 16 वर्षीय पीड़िता के पिता ने पुलिस को शिकायत दी थी कि25 सितंबर को उनकी बेटी अपने दोस्त के जन्मदिन की पार्टी से घर लौट रही थी। रात करीब दो बजे वह आ रही थी कि एक आरोपी ने उसे चाकू दिखाकर रोक लिया। उसके बाद वह उसे घर में बनी करियाने की दुकान में ले गया।
वहां पर आरोपी का दोस्त (एक अन्य आरोपी) पहले ही मौजूद था। वहां उसके साथ एक आरोपी ने रेप किया और सुबह चार बजे उसे दुकान से बाहर फेंक दिया। एक आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। 26 सितंबर को पीड़िता ने अपनी मां को घटना के बारे में जानकारी दी।
29 सितंबर को पिता ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को आईपीसी की धारा 376, 342, 120 बी और पोस्को एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।