यह भी अवगत कराया गया कि यह भूमि अरावली क्षेत्र से बाहर है और इस भूमि पर वन विभाग का सेक्शन 4 लागू नहीं है तथा वन एक्ट 1980 भी लागू नहीं है। वन एक्ट 1919 भी प्रस्तावित एम्स भूमि पर लागू नहीं है। सरपंच श्योजात ने बताया कि जो जमीन एम्स के लिए दी गई वह जमीन कभी भी अरावली क्षेत्र के अधीन नहीं रही है। इस भूमि पर अरावली परियोजना का दावा बिल्कुल गलत है।
दक्षिणी हरियाणा को एम्स की ज्यादा जरूरत: कैप्टन अजय
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कैप्टन अजय सिंह यादव ने सांसद राव इंद्रजीत के बयान पर कहा कि सांसद का यह कहना कि एम्स बनेगा तो हरियाणा में ही, ये शोभा नहीं देता। एम्स की सबसे ज्यादा जरूरत दक्षिणी हरियाणा को है।
राव इंद्रजीत सिंह को अभी तक ये भी नहीं पता कि एम्स कहां बनना है तो चुनाव से पहले श्रेय लेने मनेठी क्यों गए थे। कैप्टन ने कहा कि दक्षिणी हरियाणा एक होकर एम्स की लड़ाई लड़ रहा था। वोट बैंक की खातिर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। भाजपा सरकार की कथनी और करनी में अंतर है।