चंडीगढ़। तीन सप्ताह का लंबा अंतराल बीते जाने के बावजूद सिरसा जिले की रानियां विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह चौटाला का विधायक पद से इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है। 24 मार्च की शाम को चौटाला भाजपा में शामिल हो गए थे। त्यागपत्र पर अभी तक विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता द्वारा स्वीकार कर न तो विधानसभा के बुलेटिन में और न ही प्रदेश के राजकीय गजट में अधिसूचित किया गया है।
सनद रहे कि भाजपा में शामिल होने के कुछ ही समय बाद रणजीत को हिसार लोकसभा सीट से पार्टी उम्मीदवार भी घोषित कर दिया गया। गत माह 12 मार्च को नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में गठित नई भाजपा सरकार में रणजीत को कैबिनेट मंत्री भी बनाया गया और 22 मार्च को उन्हें ऊर्जा (बिजली) विभाग और जेल विभाग आबंटित किये गए हालांकि रणजीत सिंह ने विधायक के साथ मंत्रीपद से इस्तीफा नहीं दिया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट और कानूनी विश्लेषक हेमंत कुमार ने बताया कि मौजूदा 14वीं विधानसभा में अब तक रणजीत चौटाला से पूर्व गत 3 वर्षों में तीन विधायकों द्वारा सदन की सदस्यता से त्यागपत्र दिया गया। तीनों बार वो त्यागपत्र न केवल उसी दिन स्पीकर द्वारा स्वीकार कर लिया गया बल्कि दो बार उसी दिन के और एक बार अगले दिन के प्रदेश शासकीय गजट में अधिसूचित भी कर दिया गया।