इससे पूर्व चंडीगढ़ ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग का फैसला लिया। चंडीगढ़ के पेस अटैक के समक्ष रेलवे शुरू से ही बैकफुट पर दिखा। टाॅप ऑर्डर शिवम चौधरी (3), कप्तान प्रथम सिंह (2), विवेक सिंह (28), मोहम्मद सैफ (11) और आशुतोष शर्मा (5) के आउट होते ही रेलवे की आधी टीम 58 रन पर लौट गई।
इसके बाद करन शर्मा और उपेंद्र यादव की 23 रन की साझेदारी ने विकेट पतन पर रोक लगाई लेकिन उपेंद्र यादव की धैर्यपूर्वक 36 गेंदों पर 11 रन की पारी के बाद चंडीगढ़ के गेंदबाज फिर हावी हुए, जिससे स्कोर छह विकेट पर 81 रन तक पहुंचा। इसके बाद 108 के टीम स्कोर पर करण शर्मा (16) के रूप में रेलवे का सातवां विकेट गिरा। आकाश पांडेय (1) को आउट कर विशु (3/21) ने अपना तीसरा विकेट चटकाया। विशु ने हिमांशु सांगवान को शून्य पर रन आउट किया। टाॅप स्कोरर युवराज (55) को निशंक बिरला (3/40) ने अपना तीसरा शिकार बनाया। इसके साथ रेलवे की पूरी टीम 50 वें ओवर में 142 रन पर ढेर हो गई।
चंडीगढ़ की शुरुआत भी बेहद निराशाजनक रही, जब हिमांशु सांगवान ने एक ही ओवर में अर्सलन खान (1) और शिवम भांबरी (0) को वापस भेजकर स्कोर दो विकेट पर नौ रन किया। इसके बाद आकाश पांडेय ने अपने पहले ही स्पैल में कहर बरपाया और गौरव पुरी (9), मनन वोहरा (18) और अंकित कौशिक (14) को जल्दी से आउट किया। इस वक्त चंडीगढ़ की आधी टीम 44 रन पर वापस जा चुकी थी। इसके बाद अर्जित सिंह (5) और जगजीत सिंह संधू (16) ने भी निराश किया, जिससे की स्कोर सात विकेट पर 80 हुआ। नाबाद राजअंगद बावा 22 रन के साथ चंडीगढ़ ने सात विकेट पर 87 रन बनार पहला दिन का खेल खत्म किया। चंडीगढ़ अभी भी 55 रन से पीछे है।